उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने 54वें जन्मदिन और विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को पर्यावरण संरक्षण का विशेष संदेश दिया। गुरुवार को राजधानी लखनऊ स्थित कुकरैल वन क्षेत्र से उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ महाअभियान का शुभारंभ किया। इस अभियान के माध्यम से मुख्यमंत्री ने लोगों से प्रकृति, मातृत्व और मातृभूमि के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
प्रदेश सरकार ने इस अभियान के तहत एक ही दिन में पांच करोड़ पौधे लगाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए सभी विभागों, मंडलों और जिलों को पहले से लक्ष्य और जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में हरित आवरण बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देना है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण संतुलन के लिए ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए भी आवश्यक हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी देखभाल का संकल्प भी लें।
योगी आदित्यनाथ अपने जन्मदिन को निजी उत्सव के बजाय समाज और जनहित से जुड़े कार्यों के लिए समर्पित करने के लिए जाने जाते हैं। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने इस वर्ष भी जन्मदिन के अवसर पर वृक्षारोपण अभियान को प्राथमिकता दी।
उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले मुख्यमंत्री के रूप में योगी आदित्यनाथ ने राज्य में कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं को गति दी है। उनके कार्यकाल में अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण, बुनियादी ढांचे का विस्तार, निवेश को बढ़ावा और कानून व्यवस्था में सुधार जैसे कदम प्रमुख उपलब्धियों में गिने जाते हैं।
इसके अलावा वर्ष 2025 में आयोजित महाकुंभ के सफल आयोजन को भी उनकी प्रशासनिक क्षमता और कुशल नेतृत्व का उदाहरण माना जाता है। पर्यावरण संरक्षण को लेकर शुरू किया गया यह नया अभियान भी सरकार की दीर्घकालिक विकास और हरित उत्तर प्रदेश की सोच को दर्शाता है।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान केवल वृक्षारोपण कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति और परिवार के प्रति भावनात्मक जुड़ाव का संदेश भी है। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को नई गति मिलेगी और अधिक से अधिक लोग वृक्षारोपण के लिए प्रेरित


