भारत के सबसे बड़े म्यूचुअल फंड हाउसों में से एक SBI Mutual Fund ने अदाणी समूह की दो प्रमुख कंपनियों में बड़ा निवेश किया है। खुले बाजार में हुए एक महत्वपूर्ण सौदे के तहत SBI Mutual Fund ने Adani Enterprises और Adani Energy Solutions में कुल ₹5,747.55 करोड़ की हिस्सेदारी खरीदी है।
स्टॉक एक्सचेंज पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह खरीद अमेरिकी निवेश फर्म GQG Partners से की गई है। इस लेनदेन को बाजार में अदाणी समूह के प्रति घरेलू संस्थागत निवेशकों के बढ़ते विश्वास के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
सौदे के तहत SBI Mutual Fund ने Adani Enterprises के 1,64,39,984 शेयर खरीदे हैं। यह कंपनी की कुल हिस्सेदारी का लगभग 1.3 प्रतिशत हिस्सा है। वहीं Adani Energy Solutions के 63,65,796 शेयर भी खरीदे गए हैं, जो कंपनी की करीब 0.52 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर हैं।
जानकारी के मुताबिक, इन शेयरों की खरीद 1,504.80 रुपये से 2,913.40 रुपये प्रति शेयर के दायरे में की गई। दोनों कंपनियों के शेयरों की कुल खरीद का मूल्य ₹5,747.55 करोड़ रहा।
दूसरी ओर, प्रसिद्ध निवेशक राजीव जैन समर्थित GQG Partners ने अपनी सहयोगी इकाई “GQG Partners Emerging Markets Equity Fund” के माध्यम से इन शेयरों की बिक्री की है। बिक्री और खरीद की मात्रा लगभग समान रही, जिससे यह एक बड़ा ब्लॉक डील सौदा माना जा रहा है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बड़े निवेश से यह संकेत मिलता है कि प्रमुख घरेलू संस्थागत निवेशक अदाणी समूह की दीर्घकालिक संभावनाओं को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं। हाल के वर्षों में अदाणी समूह ने ऊर्जा, बुनियादी ढांचा, हवाई अड्डा, बंदरगाह और ट्रांसमिशन जैसे क्षेत्रों में अपने कारोबार का तेजी से विस्तार किया है।
वित्तीय बाजारों में बड़े संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों को अक्सर निवेशकों के विश्वास का संकेत माना जाता है। ऐसे में SBI Mutual Fund द्वारा किया गया यह निवेश बाजार की नजर में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
हालांकि निवेश विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि किसी भी कंपनी या शेयर में निवेश का निर्णय व्यक्तिगत वित्तीय लक्ष्यों, जोखिम क्षमता और स्वतंत्र शोध के आधार पर ही लिया जाना चाहिए।
फिलहाल यह सौदा शेयर बाजार और निवेश जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि इसमें देश के सबसे बड़े म्यूचुअल फंड संस्थानों में से एक और वैश्विक निवेश फर्म के बीच हजारों करोड़ रुपये का लेनदेन शामिल है।


