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मुलेठी के इतने फायदे कि हैरान रह जाएंगे आप, Acne से लेकर पाचन और गले की खराश तक में मददगार

मुलेठी का नाम आपने जरूर सुना होगा। आयुर्वेद में लंबे समय से इस्तेमाल होने वाली यह जड़ी-बूटी अपने औषधीय गुणों के लिए जानी जाती है। गले की खराश और खांसी से लेकर पेट की जलन, अपच और त्वचा से जुड़ी कुछ समस्याओं में मुलेठी का इस्तेमाल किया जाता है। यही वजह है कि इसे घरेलू नुस्खों में भी काफी पसंद किया जाता है। हालांकि, मुलेठी हर व्यक्ति पर एक जैसा असर करे, यह जरूरी नहीं है और इसके सेवन की मात्रा का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है।

अगर आपको गले में खराश या खांसी की शिकायत है, तो मुलेठी की छोटी सी डंडी चूसने का पारंपरिक तरीका अपनाया जाता है। इससे गले को राहत महसूस हो सकती है। वहीं, पेट में गैस, एसिडिटी या अपच जैसी समस्या में मुलेठी का चूर्ण इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन किसी भी स्वास्थ्य समस्या के इलाज के लिए इसे नियमित रूप से लेने से पहले डॉक्टर या योग्य आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहता है।

मुलेठी को पाचन तंत्र के लिए भी उपयोगी माना जाता है। इसमें ऐसे गुण पाए जाते हैं जो पेट और आंतों में होने वाली जलन तथा सूजन को शांत करने में मदद कर सकते हैं। जिन लोगों को अक्सर एसिडिटी या अपच की समस्या रहती है, वे मुलेठी के इस्तेमाल के बारे में विशेषज्ञ से सलाह ले सकते हैं। खास तौर पर लंबे समय से बनी हुई पेट की समस्या को केवल घरेलू नुस्खों के भरोसे नहीं छोड़ना चाहिए।

सर्दी-जुकाम और गले की परेशानी में भी मुलेठी का इस्तेमाल काफी पुराना है। मुलेठी गले को आराम देने और खांसी की परेशानी कम करने में मदद कर सकती है। इसमें मौजूद कुछ प्राकृतिक यौगिकों में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। हालांकि, मुलेठी को हर तरह की बीमारी से बचाने या इम्युनिटी को निश्चित रूप से मजबूत करने वाली अचूक दवा मानना सही नहीं होगा।

वजन घटाने को लेकर भी मुलेठी की चर्चा होती है। कुछ शोधों में इसके यौगिकों और शरीर के फैट मेटाबॉलिज्म के बीच संभावित संबंध सामने आए हैं, लेकिन सिर्फ मुलेठी का सेवन करके वजन कम होने की गारंटी नहीं है। वजन नियंत्रित करने के लिए संतुलित खान-पान, नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।

अब बात करते हैं चेहरे के मुंहासों की। मुलेठी पाउडर को गुलाब जल और शहद के साथ मिलाकर फेस पैक के तौर पर इस्तेमाल करने का घरेलू तरीका बताया जाता है। मुलेठी के कुछ यौगिक त्वचा में सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मदद कर सकते हैं। लेकिन संवेदनशील त्वचा वालों को चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करना चाहिए।

बालों के लिए भी मुलेठी का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से किया जाता है। मुलेठी पाउडर में आंवला और हिना पाउडर मिलाकर पेस्ट बनाने का तरीका बताया जाता है। इसमें थोड़ा सरसों का तेल मिलाकर बालों में लगाया जाता है। हालांकि, बाल झड़ने के पीछे हार्मोन, पोषण की कमी, तनाव या दूसरी चिकित्सकीय वजहें भी हो सकती हैं। इसलिए लगातार बाल झड़ रहे हों तो केवल घरेलू नुस्खे पर निर्भर रहने के बजाय विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मुलेठी का अधिक या लंबे समय तक सेवन नुकसान भी पहुंचा सकता है। खासकर हाई ब्लड प्रेशर, हृदय या किडनी की समस्या वाले लोगों और गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन बिना चिकित्सकीय सलाह के नहीं करना चाहिए। इसलिए मुलेठी को चमत्कारी या अचूक इलाज समझने के बजाय एक पारंपरिक औषधीय विकल्प के रूप में देखें और सही मात्रा तथा सही तरीके के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें।

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