Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

दिल्ली में शुरू होगा टेंपल टूरिज्म सर्किट, अक्षरधाम से योगमाया मंदिर तक चलेंगी स्पेशल बसें

देश की राजधानी दिल्ली में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी और खास पहल की तैयारी की जा रही है। दिल्ली सरकार जल्द ही एक नया स्पिरिचुअल यानी धार्मिक टूरिज्म सर्किट शुरू करने की योजना बना रही है, जिसके तहत श्रद्धालु एक ही यात्रा में दिल्ली के कई प्रसिद्ध मंदिरों के दर्शन कर सकेंगे।

इस योजना को दिल्ली टूरिज्म एंड ट्रांसपोर्ट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन यानी डीटीटीडीसी के माध्यम से शुरू किया जाएगा। इसके लिए विशेष पर्यटन बसें चलाई जाएंगी, जो राजधानी के प्रमुख धार्मिक स्थलों को आपस में जोड़ेंगी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुरुआत में इस परियोजना के तहत दो विशेष बसों को चलाया जाएगा। यात्रियों की प्रतिक्रिया और मांग के आधार पर भविष्य में इस सेवा का विस्तार भी किया जा सकता है।

इस टूरिज्म सर्किट में कई प्रसिद्ध मंदिरों को शामिल किया गया है। इनमें अक्षरधाम मंदिर, बिड़ला मंदिर, लॉर्ड वेंकटेश्वर यानी बालाजी मंदिर, सीआर पार्क की काली बाड़ी और सदियों पुराने योगमाया मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल शामिल होंगे।

इस पहल का उद्देश्य यह है कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अलग-अलग स्थानों पर जाने के लिए कई बार यात्रा न करनी पड़े और वे एक ही टूर के दौरान कई पवित्र स्थलों के दर्शन आसानी से कर सकें।

अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना अभी टेंडरिंग चरण में है। इसके लॉन्च होने के बाद यात्री दिल्ली सरकार के ‘देखो मेरी दिल्ली’ प्लेटफॉर्म के जरिए अपनी सीट बुक कर सकेंगे।

रूट और ऊंचाई से जुड़ी कुछ तकनीकी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए शुरुआत में छोटी बसों के इस्तेमाल की संभावना जताई गई है।

दिल्ली सरकार का कहना है कि इस योजना का मकसद राजधानी की पहचान को केवल ऐतिहासिक किलों और मुगलकालीन स्मारकों तक सीमित नहीं रखना है।

अधिकारियों का मानना है कि दिल्ली सिर्फ एक ऐतिहासिक शहर नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र भी है। यहां पूरे साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक विभिन्न मंदिरों के दर्शन करने पहुंचते हैं।

सरकार को उम्मीद है कि इस नई पहल से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को एक नया अनुभव मिलेगा।

इसके अलावा स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी इसका फायदा हो सकता है। पर्यटन गतिविधियां बढ़ने से आसपास के छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और स्थानीय सेवाओं को भी लाभ मिलने की संभावना है।

अगर यह योजना सफल रहती है तो आने वाले समय में इस सर्किट में और भी धार्मिक स्थलों को जोड़ा जा सकता है।

फिलहाल श्रद्धालुओं को इसकी आधिकारिक शुरुआत का इंतजार है। दिल्ली सरकार का यह प्रयास राजधानी को एक नए धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

आपकी राय क्या है? क्या दिल्ली में इस तरह का टेंपल टूरिज्म सर्किट शुरू किया जाना चाहिए? अपनी राय हमें कमेंट करके जरूर बताइए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles