उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के निर्माण के लिए अपनी ज़मीन देने वाले किसानों को सम्मानित करने का ऐलान किया है। सोमवार को जेवर एयरपोर्ट से पहली कमर्शियल फ्लाइट के जरिए लखनऊ पहुंचे किसानों का मुख्यमंत्री स्वागत करेंगे और उनसे संवाद भी करेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि किसान देश की खुशहाली और विकास की असली नींव हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास की यात्रा में किसानों की भागीदारी और उनके योगदान का सम्मान करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
सीएम योगी ने कहा कि गौतम बुद्ध नगर के जेवर में बनने वाले नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए अपनी ज़मीन देने वाले किसान भाई-बहनों को लेकर आने वाली पहली फ्लाइट के लखनऊ पहुंचने पर उनका स्वागत और सम्मान किया जाएगा। उन्होंने ‘अन्नदाताओं का सम्मान, समृद्ध भारत को नमन’ का संदेश देते हुए किसानों के विकास के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
जेवर एयरपोर्ट से शुरू हुई पहली कमर्शियल उड़ान
सोमवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लखनऊ के लिए पहली कमर्शियल फ्लाइट ने उड़ान भरी। यह उड़ान एयरपोर्ट के नियमित वाणिज्यिक संचालन की शुरुआत का प्रतीक मानी जा रही है।
इस विशेष उड़ान में उन किसानों का प्रतिनिधिमंडल शामिल था, जिन्होंने एयरपोर्ट निर्माण के लिए अपनी जमीन उपलब्ध कराई थी। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह ने किया।
यह पहल केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि विकास परियोजनाओं में किसानों की भागीदारी को सम्मान देने का एक महत्वपूर्ण संदेश भी माना जा रहा है।
किसानों से मिले केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने भी किसानों और उनके परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने एयरपोर्ट के निर्माण में किसानों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके सहयोग के बिना इतनी बड़ी परियोजना को साकार करना संभव नहीं होता।
उन्होंने बताया कि जिन किसानों ने अपनी जमीन दी है, उन्हें पहली उड़ान से लखनऊ भेजा गया है, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनके साथ विशेष संवाद करेंगे।
एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में होगा शामिल
राम मोहन नायडू ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भविष्य में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का बड़ा केंद्र बनेगा। उन्होंने बताया कि शुरुआत में एयरपोर्ट की क्षमता 1.2 करोड़ यात्रियों प्रति वर्ष होगी।
सरकार की योजना चरणबद्ध तरीके से इसका विस्तार करने की है। चौथे चरण तक इस एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ाकर 7 करोड़ यात्रियों प्रति वर्ष करने का लक्ष्य रखा गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर भारत की अर्थव्यवस्था, पर्यटन, व्यापार और रोजगार के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को देश की सबसे महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है और आने वाले वर्षों में यह भारत के सबसे बड़े एविएशन हब के रूप में उभर सकता है।


