भारतीय हॉकी टीम के अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह इतिहास रचने के बेहद करीब पहुंच गए हैं। भारत के लिए सर्वाधिक 412 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के दिलीप टिर्की के रिकॉर्ड की बराबरी करने के बाद अब उनकी नजरें एक नए विश्व रिकॉर्ड पर हैं। मनप्रीत का अगला लक्ष्य बेल्जियम के जॉन जॉन डोमैन के 481 अंतरराष्ट्रीय मैचों के विश्व रिकॉर्ड को तोड़ना और लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 तक भारतीय टीम का हिस्सा बने रहना है।
एफआईएच प्रो लीग के यूरोप चरण में नीदरलैंड के खिलाफ मुकाबले में उतरते ही 33 वर्षीय मनप्रीत सिंह ने भारत के पूर्व कप्तान और हॉकी इंडिया अध्यक्ष दिलीप टिर्की के 412 मैचों के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। अब जर्मनी के खिलाफ मैच में उतरते ही वह भारत के लिए सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे।
मनप्रीत सिंह ने अपने लंबे सफर को याद करते हुए कहा कि उन्हें कभी नहीं लगा था कि मीठापुर का एक साधारण बच्चा एक दिन 400 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेगा। उन्होंने कहा कि उनका सफर अभी खत्म नहीं हुआ है और वह लगातार नए लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं।
लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 पर नजर
मनप्रीत सिंह ने स्पष्ट किया कि वह लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 तक खेलना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने अपनी फिटनेस पर विशेष ध्यान देना शुरू कर दिया है।
उन्होंने कहा कि अगर वह पूरी तरह फिट नहीं होंगे तो खुद टीम का हिस्सा नहीं बनना चाहेंगे। उनका मानना है कि लंबा करियर बनाए रखने के लिए फिटनेस सबसे महत्वपूर्ण हथियार है।
पेरिस ओलंपिक के बाद बदली फिटनेस रणनीति
पेरिस ओलंपिक 2024 में कांस्य पदक जीतने के बाद मनप्रीत ने अपनी फिटनेस पर और अधिक मेहनत शुरू कर दी। वह भारतीय टीम के उन खिलाड़ियों में शामिल हैं जो यो-यो टेस्ट में शानदार प्रदर्शन करते हैं।
मनप्रीत ने बताया कि बढ़ती उम्र के साथ खानपान और ट्रेनिंग पर ज्यादा ध्यान देना जरूरी हो जाता है। उन्होंने कहा कि पहले वह बिना सोचे-समझे कुछ भी खा लेते थे, लेकिन अब हर चीज को प्लानिंग के साथ करना पड़ता है।
विराट कोहली को बताया फिटनेस रोल मॉडल
हाल ही में विराट कोहली ने भारतीय हॉकी खिलाड़ियों की फिटनेस की तारीफ की थी। इस पर मनप्रीत सिंह ने कहा कि फिटनेस के मामले में विराट खुद सभी खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा हैं।
उन्होंने कहा कि 36 साल की उम्र में भी विराट कोहली जिस स्तर की फिटनेस बनाए हुए हैं, वह सभी खिलाड़ियों के लिए सीखने वाली बात है। शीर्ष स्तर पर लंबे समय तक खेलने के लिए अनुशासन और फिटनेस बेहद जरूरी है।
टोक्यो ओलंपिक की उपलब्धि को बताया सबसे खास
मनप्रीत सिंह ने कहा कि टोक्यो ओलंपिक 2020 उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। उनकी कप्तानी में भारत ने 41 साल बाद ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था।
उन्होंने अपने शुरुआती संघर्षों को याद करते हुए बताया कि उनका परिवार आर्थिक तंगी से गुजरा है। उनके बड़े भाई को पढ़ाई छोड़नी पड़ी, लेकिन परिवार ने कभी उनके सपने को टूटने नहीं दिया।
मनप्रीत का कहना है कि उनका लक्ष्य सिर्फ रिकॉर्ड बनाना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को प्रेरित करना भी है। वह चाहते हैं कि युवा खिलाड़ी उन्हें एक ऐसे टीम प्लेयर के रूप में याद रखें, जिसने मैदान पर हमेशा अपना शत-प्रतिशत दिया।


