प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के निमंत्रण पर फ्रांस के एवियन-लेस-बेन्स में आयोजित 52वें G7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। यह सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब दुनिया आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास जैसी कई बड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है।
इस वैश्विक मंच पर प्रधानमंत्री मोदी भारत का पक्ष मजबूती से रखेंगे और दुनिया के प्रमुख नेताओं के साथ कई अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को देखते हुए इस सम्मेलन में उसकी मौजूदगी बेहद महत्वपूर्ण होगी।
दुनिया की नजर मोदी-ट्रंप बैठक पर
G7 सम्मेलन के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की द्विपक्षीय बैठक को लेकर हो रही है। बुधवार को होने वाली इस बैठक में व्यापार, वीज़ा नीति, ऊर्जा सहयोग और भारत-अमेरिका के रणनीतिक संबंधों पर बातचीत होने की उम्मीद है।
दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय से व्यापार और टैरिफ से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा चल रही है। ऐसे में यह बैठक भविष्य की साझेदारी को नई दिशा दे सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुलाकात सिर्फ द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका असर वैश्विक राजनीति और आर्थिक सहयोग पर भी देखने को मिल सकता है।
G7 में किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
इस बार G7 शिखर सम्मेलन का फोकस कई बड़े वैश्विक मुद्दों पर रहेगा। इनमें आर्थिक स्थिरता, भू-राजनीतिक तनाव, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस गवर्नेंस, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास प्रमुख हैं।
भारत लंबे समय से वैश्विक दक्षिण (Global South) की आवाज़ उठाता रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी विकासशील देशों से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाने की कोशिश करेंगे।
इसके अलावा, सप्लाई चेन को मजबूत करना, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और वैश्विक साझेदारी को बढ़ावा देना भी चर्चा का हिस्सा रहेगा।
PM मोदी ने क्या कहा?
फ्रांस पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह दुनिया के नेताओं के साथ बातचीत करने और महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श करने को लेकर उत्साहित हैं।
उन्होंने कहा कि भारत एक टिकाऊ, समृद्ध और समावेशी दुनिया के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रधानमंत्री ने यह भी दोहराया कि भारत वैश्विक चुनौतियों के समाधान में रचनात्मक भूमिका निभाता रहेगा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने के लिए लगातार काम करेगा।
लगातार बढ़ रहा है भारत का वैश्विक प्रभाव
हालांकि भारत G7 का स्थायी सदस्य नहीं है, लेकिन उसकी लगातार भागीदारी दुनिया में उसके बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है।
भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और डिजिटल तकनीक, मैन्युफैक्चरिंग, ऊर्जा और नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
इसी वजह से वैश्विक मंचों पर भारत की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है और दुनिया भारत को एक महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में देख रही है।


