रूस के साइबेरिया क्षेत्र में सोमवार को एक बड़ा विमान हादसा हो गया। रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, ट्रेनिंग मिशन के दौरान रूस का Tupolev Tu-22M3 स्ट्रैटेजिक बॉम्बर इरकुत्स्क इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। राहत की बात यह रही कि विमान में सवार चारों क्रू सदस्य समय रहते सुरक्षित बाहर निकल आए और उनकी जान बच गई।
रूसी मीडिया और सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े प्लेटफॉर्म पर साझा किए गए वीडियो में विमान को तेजी से नीचे आते हुए देखा गया। वहीं सोशल मीडिया पर वायरल कुछ वीडियो में अंगारा नदी के पास जंगल वाले इलाके में धुएं का बड़ा गुबार उठता दिखाई दे रहा है। हालांकि, इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए इन्हें सावधानी के साथ देखा जाना चाहिए।
रूसी समाचार एजेंसी इंटरफैक्स ने रक्षा मंत्रालय के हवाले से बताया कि दुर्घटना के समय विमान पर कोई हथियार या गोला-बारूद मौजूद नहीं था और जमीन पर किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा कामेंका गांव के पास हुआ। दुर्घटना के तुरंत बाद इमरजेंसी टीमों को मौके पर भेजा गया और लगी हुई आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू कर दिया गया। चारों क्रू सदस्यों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
इरकुत्स्क क्षेत्र के अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच में इंजन में खराबी को दुर्घटना का संभावित कारण माना जा रहा है। हालांकि, अंतिम कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
क्या है Tupolev Tu-22M3 बॉम्बर?
Tupolev Tu-22M3 सोवियत काल में विकसित किया गया लंबी दूरी का सुपरसोनिक स्ट्रैटेजिक बॉम्बर है, जिसे वर्तमान में रूस ऑपरेट करता है। यह Tu-22 बैकफायर सीरीज का सबसे आधुनिक ऑपरेशनल संस्करण माना जाता है।
यह विमान लंबी दूरी से जमीन और समुद्र में मौजूद लक्ष्यों पर हमला करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका वेरिएबल-स्वीप विंग सिस्टम है, जिससे उड़ान के अलग-अलग चरणों में पंखों का कोण बदला जा सकता है।
दो शक्तिशाली NK-25 आफ्टरबर्निंग टर्बोफैन इंजन से लैस यह विमान लगभग 2,000 किलोमीटर प्रति घंटे यानी Mach 1.9 की रफ्तार हासिल कर सकता है। इसे चार सदस्यीय क्रू संचालित करती है।
Tu-22M3 पारंपरिक बमों के साथ-साथ लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलें ले जाने में भी सक्षम है और रूस की रणनीतिक सैन्य क्षमता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
फिलहाल रूसी अधिकारियों ने दुर्घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। शुरुआती रिपोर्ट में इंजन फेल होने की आशंका जताई गई है, लेकिन अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद ही दुर्घटना के असली कारणों की पुष्टि हो पाएगी।


