केरल में कथित ऑर्गन ट्रैफिकिंग यानी अंग तस्करी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्यभर में 10 से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। इस अभियान के तहत कोच्चि समेत कई शहरों और कुछ अस्पतालों को भी जांच के दायरे में लिया गया है। जांच एजेंसी इस पूरे नेटवर्क से जुड़े वित्तीय लेनदेन और संदिग्ध गतिविधियों की गहन पड़ताल कर रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई अंग तस्करी से जुड़े एक संगठित नेटवर्क की जांच के तहत की जा रही है। ईडी की अलग-अलग टीमें विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण सबूत जुटाने में लगी हुई हैं। जांच का मुख्य फोकस उन व्यक्तियों और संस्थानों पर है, जिनका नाम इस मामले में सामने आया है।
जानकारी के अनुसार, कई स्थानों पर वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड और बैंकिंग दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित तौर पर अवैध अंग प्रत्यारोपण के जरिए किस तरह पैसों का लेनदेन किया गया और इसमें किन लोगों की भूमिका रही।
ऑर्गन ट्रैफिकिंग एक गंभीर अपराध माना जाता है, जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को लालच देकर या धोखे से उनके अंगों का अवैध तरीके से इस्तेमाल किया जाता है। इस तरह के मामलों में अस्पतालों, बिचौलियों और वित्तीय नेटवर्क की भूमिका की भी जांच की जाती है।
केरल में चल रही यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े संस्थानों का नाम सामने आने पर पूरे मामले की गंभीरता बढ़ जाती है। हालांकि, अभी तक जांच एजेंसियों की ओर से किसी व्यक्ति या संस्था को दोषी घोषित नहीं किया गया है और जांच जारी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इस मामले में बड़े वित्तीय नेटवर्क का खुलासा होता है तो आने वाले दिनों में और भी कई लोगों से पूछताछ हो सकती है। इसके अलावा देश के अन्य राज्यों से जुड़े संभावित लिंक की भी जांच की जा सकती है।
ईडी की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब देशभर में अवैध अंग प्रत्यारोपण और मानव तस्करी जैसे मामलों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है। जांच एजेंसियां लगातार ऐसे नेटवर्क को खत्म करने के लिए अभियान चला रही हैं।
फिलहाल एजेंसी छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक डेटा का विश्लेषण कर रही है। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ कई अहम खुलासे हो सकते हैं।


