राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जून का महीना खत्म होने के बावजूद भीषण गर्मी और उमस से लोगों को राहत नहीं मिल सकी है। अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जबकि हीट इंडेक्स 50 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचने के कारण लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। ऐसे में राजधानी के लोग अब मानसून की पहली बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यदि परिस्थितियां अनुकूल बनी रहीं तो 4 जुलाई तक दिल्ली में मानसून दस्तक दे सकता है। सामान्य तौर पर मानसून जून के अंतिम सप्ताह तक राजधानी पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसकी रफ्तार धीमी रहने के कारण लगभग एक सप्ताह की देरी होने की संभावना जताई जा रही है। यही वजह है कि गर्मी का असर अभी भी बरकरार है।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के दौरान दिल्ली-एनसीआर में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इसके साथ ही अगले पांच दिनों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनने की उम्मीद भी व्यक्त की गई है। यदि मौसम प्रणाली सक्रिय रहती है तो राजधानी के लोगों को जल्द ही भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है।
वहीं उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई जिलों के लिए भी मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी किया है। दोनों राज्यों में कई स्थानों पर तेज बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून के सक्रिय होने के बाद उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज होगी। हालांकि बारिश के दौरान जलभराव, तेज हवाओं और बिजली गिरने जैसी घटनाओं को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
फिलहाल दिल्लीवासियों की निगाहें 4 जुलाई पर टिकी हैं। यदि मौसम का अनुमान सही साबित होता है तो लंबे इंतजार के बाद राजधानी में मानसून की एंट्री होगी और लोगों को भीषण गर्मी व उमस से बड़ी राहत मिलेगी।


