आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में मिली 0-2 की हार को पीछे छोड़ते हुए भारतीय क्रिकेट टीम अब इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में नई शुरुआत करने के लिए तैयार है। इस सीरीज की सबसे बड़ी चर्चा 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के संभावित डेब्यू और मुश्किल इंग्लिश पिचों पर भारतीय बल्लेबाजों के प्रदर्शन को लेकर है।
भारतीय टीम के सामने इस समय सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या टीम प्रबंधन वैभव सूर्यवंशी को पहले ही मुकाबले में मौका देगा या उन्हें अभी और इंतजार करना पड़ेगा। युवा बल्लेबाज ने घरेलू क्रिकेट और जूनियर स्तर पर अपने प्रदर्शन से सभी का ध्यान खींचा है, जिसके बाद क्रिकेट प्रशंसकों के बीच उनके अंतरराष्ट्रीय डेब्यू की मांग लगातार बढ़ती जा रही है।
टीम इंडिया के सहायक कोच रेयान टेन डोएशे ने भी साफ कहा है कि वैभव को टीम में जगह पाने के लिए तय प्रक्रिया से गुजरना होगा। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि युवा बल्लेबाज कड़ी मेहनत कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए पूरी तरह तैयार नजर आता है। अब अंतिम फैसला टीम प्रबंधन और कप्तान पर निर्भर करेगा।
आयरलैंड के खिलाफ सीरीज में भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह संघर्ष करती दिखाई दी। संजू सैमसन और इशान किशन जैसे अनुभवी बल्लेबाज उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। ऐसे में टीम प्रबंधन बल्लेबाजी क्रम में बदलाव कर सकता है और वैभव सूर्यवंशी को अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग का मौका देने पर विचार कर सकता है।
हालांकि केवल एक नए खिलाड़ी को शामिल कर देने से भारतीय बल्लेबाजी की सभी समस्याएं खत्म नहीं होंगी। आयरलैंड दौरे पर तेज गेंदबाजों को मदद देने वाली पिचों पर भारतीय बल्लेबाज सहज नहीं दिखे। कई बल्लेबाज जल्दबाजी में बड़े शॉट खेलने के प्रयास में अपना विकेट गंवा बैठे। इंग्लैंड की परिस्थितियां भी काफी हद तक ऐसी ही रहने की उम्मीद है, जहां धैर्य और तकनीक दोनों की परीक्षा होगी।
इंग्लैंड के पास जोफ्रा आर्चर, जोश टंग, साकिब महमूद और ल्यूक वुड जैसे तेज गेंदबाज मौजूद हैं, जो नई गेंद से किसी भी बल्लेबाजी क्रम को परेशान कर सकते हैं। वहीं स्पिन विभाग में आदिल राशिद और रेहान अहमद जैसे अनुभवी गेंदबाज मध्य ओवरों में मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं।
दूसरी ओर भारतीय गेंदबाजों को भी अपनी रणनीति में सुधार करना होगा। आयरलैंड के खिलाफ शुरुआती सफलता मिलने के बावजूद टीम बीच के ओवरों में रन रोकने में नाकाम रही थी। इंग्लैंड के आक्रामक बल्लेबाज इस कमजोरी का फायदा उठाने की पूरी कोशिश करेंगे। ऐसे में अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर और रवि बिश्नोई की भूमिका बेहद अहम रहने वाली है।
भारतीय टीम की कप्तानी इस सीरीज में श्रेयस अय्यर के हाथों में है। लगातार दूसरी टी20 सीरीज हारने से बचने के लिए टीम इंडिया को हर विभाग में बेहतर प्रदर्शन करना होगा। बल्लेबाजों को परिस्थितियों के अनुसार खेलना होगा, जबकि गेंदबाजों को लगातार सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करनी होगी।
वहीं इंग्लैंड की टीम भी काफी मजबूत नजर आ रही है। कप्तान हैरी ब्रूक के अलावा जोस बटलर, फिल सॉल्ट, विल जैक्स, जैकब बेथेल और टॉम बैंटन जैसे विस्फोटक बल्लेबाज किसी भी गेंदबाजी आक्रमण पर भारी पड़ सकते हैं। ऐसे में यह सीरीज दोनों टीमों के लिए कड़ी चुनौती साबित होने वाली है।
अगर भारतीय बल्लेबाज तेज और उछालभरी पिचों पर संयम के साथ खेलते हैं और गेंदबाज बीच के ओवरों में रन गति पर नियंत्रण रखते हैं, तो टीम इंडिया सीरीज में शानदार वापसी कर सकती है। वहीं वैभव सूर्यवंशी को मौका मिलता है तो सभी की नजरें उनके अंतरराष्ट्रीय डेब्यू पर टिकी रहेंगी।


