देश में अवैध घुसपैठ और जनसांख्यिकीय बदलाव से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इस दिशा में गठित उच्च स्तरीय समिति ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर अपनी कार्ययोजना प्रस्तुत की। समिति ने बताया कि विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा कर जमीनी स्तर पर अध्ययन किया जाएगा, ताकि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर अपनी सिफारिशें तैयार की जा सकें।
समिति ने गृह मंत्री को बताया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से विस्तृत जानकारी जुटाने के लिए प्रश्नावली तैयार की गई है। इसके माध्यम से स्थानीय प्रशासन, सरकारी विभागों और केंद्रीय मंत्रालयों से आवश्यक तथ्य एकत्र किए जाएंगे। अमित शाह ने समिति की रणनीति की सराहना करते हुए गृह सचिव को निर्देश दिया कि जांच प्रक्रिया में हर स्तर पर पूरा सहयोग उपलब्ध कराया जाए। साथ ही समिति से जल्द अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा।
सरकार का कहना है कि यह पहल जनसांख्यिकीय बदलावों का अध्ययन करने और संबंधित तथ्यों के आधार पर भविष्य की नीति तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके तहत विभिन्न राज्यों से प्राप्त आंकड़ों और जमीनी स्थिति का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा।
पश्चिम बंगाल में भी सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के सत्यापन का अभियान चर्चा में है। राज्य सरकार के अनुसार विभिन्न योजनाओं के आवेदनों की जांच के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे आवेदन मिले जो निर्धारित पात्रता मानकों पर खरे नहीं उतरे। जांच के बाद कई आवेदनों को निरस्त किया गया है।
राज्य सरकार का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल पात्र नागरिकों तक पहुंचे, इसके लिए लाभार्थियों के दस्तावेजों और पहचान का सत्यापन किया जा रहा है। इसी क्रम में विभिन्न योजनाओं के रिकॉर्ड की भी समीक्षा की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को दूर किया जा सके।
मतदाता सूची के पुनरीक्षण और नागरिकता से जुड़े मामलों की भी जांच जारी है। प्रशासन का कहना है कि सभी कार्रवाई कानून और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जा रही है। कई मामलों में न्यायिक प्रक्रिया भी चल रही है।
भारत-बांग्लादेश सीमा पर अवैध घुसपैठ रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है। सीमा क्षेत्रों में संबंधित एजेंसियां कानून के तहत कार्रवाई कर रही हैं और सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के प्रयास जारी हैं।
पूर्वोत्तर राज्यों ने भी अवैध घुसपैठ रोकने और सीमा सुरक्षा मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। राज्य सरकारों का कहना है कि पहचान सत्यापन और कानूनी प्रक्रिया के तहत आवश्यक कार्रवाई जारी रहेगी।
केंद्र सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा, सीमा प्रबंधन और सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाकर जांच और सत्यापन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।


