सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये ठगने वाले एक कथित फर्जी भर्ती गिरोह का दिल्ली पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि यह गिरोह इनकम टैक्स विभाग में मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS) की नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से बड़ी रकम वसूलता था।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान सामने आया कि गिरोह खुद को आयकर विभाग से जुड़ा बताकर बेरोजगार युवाओं का भरोसा जीतता था। इसके बाद सरकारी नौकरी पक्की कराने का दावा करते हुए उनसे पैसे लिए जाते थे। पुलिस का कहना है कि अब तक लगभग 6 से 7 लोगों से करीब 10 लाख रुपये की ठगी किए जाने की आशंका है। मामले की जांच अभी जारी है और अन्य पीड़ितों की भी पहचान की जा रही है।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
पुलिस के अनुसार, 18 मई 2026 को हौज काजी थाने में अजमेरी गेट निवासी एक युवक ने शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि नवीन प्रकाश, दीपक तिवारी और रोहित चौहान ने उसे आयकर विभाग में MTS की सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और तकनीकी व वित्तीय जांच शुरू की। जांच के दौरान बैंक खातों, डिजिटल लेनदेन और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की गई।
कैसे दिया गया नौकरी का झांसा?
पुलिस जांच में सामने आया कि दिसंबर 2025 में आरोपी नवीन प्रकाश ने खुद को आयकर विभाग का कर्मचारी बताया। इसके बाद उसने शिकायतकर्ता की मुलाकात अपने सहयोगी दीपक तिवारी से कराई।
आरोप है कि दीपक तिवारी ने शुरुआती तौर पर 5 हजार रुपये नकद लिए और बाकी रकम जमा कराने के लिए रोहित चौहान का बैंक खाता उपलब्ध कराया। शिकायतकर्ता ने 22 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 के बीच अपने भविष्य निधि (PF) की बचत से लगभग 1 लाख 98 हजार 500 रुपये डिजिटल माध्यम से ट्रांसफर कर दिए। नकद राशि मिलाकर उससे कुल 2 लाख 3 हजार 500 रुपये लिए गए।
कई युवाओं से ठगी की आशंका
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इसी तरीके से कई अन्य बेरोजगार युवाओं को भी सरकारी नौकरी का झांसा देकर पैसे लिए गए। फिलहाल सभी बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल लेनदेन की जांच की जा रही है ताकि ठगी की पूरी रकम और पीड़ितों की संख्या का पता लगाया जा सके।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े थे तथा क्या किसी अन्य विभाग के नाम पर भी इसी तरह की धोखाधड़ी की गई थी।
पुलिस की सलाह
दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति को पैसे न दें। सरकारी भर्तियां केवल आधिकारिक अधिसूचना और निर्धारित चयन प्रक्रिया के माध्यम से होती हैं। यदि कोई व्यक्ति नौकरी के बदले पैसे मांगता है या खुद को अधिकारी बताकर भर्ती का दावा करता है, तो उसकी जानकारी तुरंत पुलिस या संबंधित विभाग को दें।
निष्कर्ष
सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसे में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी भर्ती से संबंधित जानकारी केवल आधिकारिक सरकारी वेबसाइट और विभागीय नोटिस से ही प्राप्त करें। वहीं, दिल्ली पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश जारी है।


