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कपिल शर्मा कैफे फायरिंग में बड़ा खुलासा! बिश्नोई गैंग पर विदेशों में शिकंजा, कनाडा से डिपोर्ट होगा आरोपी?

कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफे पर हुई फायरिंग के मामले में अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी कार्रवाई देखने को मिल रही है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ कई देशों में जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। फ्रांस और कनाडा में हुई ताजा कार्रवाइयों ने इस हाई-प्रोफाइल मामले को नई दिशा दे दी है। गैंग से जुड़े कई संदिग्धों पर शिकंजा कसने की प्रक्रिया तेज हो गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्रांस में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े बताए जा रहे गरिंदर देव को गिरफ्तार किया गया है। कनाडा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस यानी RCMP ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि अब उसे प्रत्यर्पण प्रक्रिया के तहत कनाडा लाया जाएगा। जांच एजेंसियों का आरोप है कि गरिंदर देव गैंग की आपराधिक गतिविधियों से जुड़ा हुआ था और उस पर ड्रग्स तस्करी के साथ-साथ गैंग को आर्थिक मदद पहुंचाने के भी आरोप हैं।

इसी बीच कनाडा में एक और बड़ी कार्रवाई सामने आई है। जशनदीप सिंह नाम के व्यक्ति को कनाडा से डिपोर्ट करने का आदेश दिया गया है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि उसने कपिल शर्मा के कैफे पर हुई फायरिंग के मामले में इस्तेमाल किए गए हथियारों को छिपाने में मदद की थी। हालांकि इस मामले में अंतिम कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है और अदालत के आदेशों के बाद आगे की कार्रवाई होगी।

बताया जा रहा है कि यह पूरी कार्रवाई ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका के न्याय विभाग ने हाल ही में लॉरेंस बिश्नोई समेत दो भारतीय गैंगस्टरों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। इसके बाद कई देशों की सुरक्षा एजेंसियों ने भी संगठित अपराध और अंतरराष्ट्रीय गैंग नेटवर्क के खिलाफ अपनी जांच तेज कर दी है।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम पिछले कुछ वर्षों में कई हाई-प्रोफाइल आपराधिक मामलों में सामने आ चुका है। भारत के अलावा कनाडा, अमेरिका और यूरोप के कुछ देशों में भी इस गैंग के कथित नेटवर्क को लेकर जांच चल रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि विदेशों में बैठे गैंग से जुड़े लोग किस तरह आर्थिक और लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध करा रहे थे।

कपिल शर्मा के कैफे पर हुई फायरिंग ने पहले ही सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया था। अब इस मामले में विदेशों में हो रही गिरफ्तारियों और कानूनी कार्रवाइयों ने जांच को और महत्वपूर्ण बना दिया है। जांचकर्ताओं का मानना है कि यदि आरोपियों का प्रत्यर्पण और डिपोर्टेशन सफलतापूर्वक पूरा हो जाता है तो मामले से जुड़े कई नए खुलासे हो सकते हैं।

फिलहाल कनाडा और फ्रांस की एजेंसियां अपने-अपने कानूनी नियमों के तहत कार्रवाई कर रही हैं। प्रत्यर्पण और डिपोर्टेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अभी तक किसी अदालत ने इन आरोपों को अंतिम रूप से साबित नहीं माना है और जांच जारी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि संगठित अपराध से जुड़े मामलों में अलग-अलग देशों की एजेंसियों के बीच बढ़ता सहयोग अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई का संकेत है। यही वजह है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े मामलों पर अब सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि कई देशों की सुरक्षा एजेंसियां भी नजर बनाए हुए हैं।

अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि फ्रांस से गरिंदर देव का प्रत्यर्पण कब तक पूरा होता है और कनाडा से जशनदीप सिंह की डिपोर्टेशन प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है। यदि दोनों मामलों में कानूनी प्रक्रिया पूरी होती है, तो कपिल शर्मा कैफे फायरिंग केस और अंतरराष्ट्रीय गैंग नेटवर्क से जुड़े कई नए राज सामने आ सकते हैं।

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