दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। राजधानी में एक साथ 45 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर शुरू किए गए हैं। इन स्वास्थ्य केंद्रों का उद्घाटन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोगों को आधुनिक और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकार के मोहल्ला क्लिनिक मॉडल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर पुराने मोहल्ला क्लिनिक जैसे नहीं हैं, बल्कि यहां आधुनिक स्वास्थ्य ढांचा और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार इन स्वास्थ्य केंद्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ जरूरी जांच, परामर्श और कई अन्य बुनियादी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि लोगों को छोटी-मोटी बीमारियों के इलाज के लिए बड़े अस्पतालों का रुख न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि दिल्ली के हर नागरिक को उसके घर के नजदीक बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिलें। इससे अस्पतालों पर भी बोझ कम होगा और मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विकास कार्यों को लेकर भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली की हर विधानसभा को 100 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है ताकि स्थानीय स्तर पर विकास कार्य तेजी से पूरे किए जा सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब किसी भी क्षेत्र में विकास कार्य धन की कमी के कारण नहीं रुकेंगे। सड़क, नाली, पानी, बिजली, पार्क और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं पर तेजी से काम किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार प्रत्येक विधानसभा और प्रत्येक ब्लॉक में विकास योजनाओं की लगातार निगरानी कर रही है, ताकि जनता को समय पर उनका लाभ मिल सके।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में पर्याप्त डॉक्टर, दवाइयां, जांच सुविधाएं और प्रशिक्षित स्टाफ उपलब्ध कराया जाता है, तो इससे प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को काफी मजबूती मिल सकती है।
दिल्ली जैसे बड़े महानगर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का मजबूत नेटवर्क लोगों के लिए काफी राहत लेकर आ सकता है। इससे सामान्य बीमारियों का इलाज स्थानीय स्तर पर संभव होगा और बड़े सरकारी अस्पतालों में भीड़ कम करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि इन नए केंद्रों की सफलता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि यहां सेवाओं की गुणवत्ता कैसी रहती है और लोगों को कितनी नियमित सुविधाएं मिलती हैं।
फिलहाल सरकार का दावा है कि यह पहल दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देने का काम करेगी और आने वाले समय में राजधानी के अलग-अलग इलाकों में ऐसी सुविधाओं का और विस्तार किया जाएगा।


