भारत के सेमीकंडक्टर और टेक्नोलॉजी सेक्टर से एक बड़ी खबर सामने आई है। अब देश में इस्तेमाल होने वाले कई CCTV कैमरों और सिक्योरिटी डिवाइस में Made in India सेमीकंडक्टर चिप लगाई जाएगी। इसे भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
इस नई पहल के तहत चेन्नई की फैबलेस सेमीकंडक्टर कंपनी माइंडग्रो टेक्नोलॉजी और सुरक्षा उपकरण बनाने वाली प्रामा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। इस साझेदारी के बाद पहली बार भारतीय Vision SoC चिपसेट का व्यावसायिक स्तर पर इस्तेमाल सुरक्षा कैमरों में किया जाएगा।
अब सवाल है कि Vision SoC आखिर है क्या?
Vision SoC यानी System on Chip एक ऐसा चिपसेट है जिसमें कैमरे को संचालित करने के लिए जरूरी कई महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स एक ही चिप में मौजूद होते हैं। यही चिप कैमरे की प्रोसेसिंग, वीडियो रिकॉर्डिंग, इमेज प्रोसेसिंग और अन्य स्मार्ट फीचर्स को नियंत्रित करती है।
अब तक भारत में इस्तेमाल होने वाले अधिकांश CCTV कैमरों में विदेशी, खासकर चीनी कंपनियों के चिपसेट का इस्तेमाल किया जाता था। लेकिन अब भारतीय तकनीक से विकसित यह चिप उस निर्भरता को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
माइंडग्रो टेक्नोलॉजी का कहना है कि यह चिप भारतीय जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित की गई है और भविष्य में इसे कई तरह के स्मार्ट सुरक्षा उपकरणों में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे देश के सुरक्षा उपकरण उद्योग को मजबूती मिलेगी। साथ ही सरकारी और निजी संस्थानों को घरेलू तकनीक पर आधारित विकल्प भी उपलब्ध होंगे।
इस समझौते के बाद प्रामा इंडिया अपने कई सुरक्षा उत्पादों में इसी भारतीय चिप का उपयोग करेगी। इससे न केवल स्थानीय निर्माण को बढ़ावा मिलेगा बल्कि भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में राष्ट्रीय सुरक्षा और डेटा सुरक्षा को देखते हुए विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम करने की दिशा में कई कदम उठाए गए हैं। ऐसे में स्वदेशी चिपसेट का विकास और उसका व्यावसायिक उपयोग भारत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
हाल के वर्षों में भारत सरकार भी सेमीकंडक्टर निर्माण और डिजाइन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है। देश में चिप डिजाइन, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने पर लगातार जोर दिया जा रहा है।
यदि यह पहल सफल रहती है तो आने वाले समय में सिर्फ CCTV कैमरे ही नहीं, बल्कि कई अन्य इलेक्ट्रॉनिक और स्मार्ट डिवाइस में भी भारतीय चिपसेट का उपयोग बढ़ सकता है।
यानी साफ है कि भारत अब केवल इलेक्ट्रॉनिक्स का बड़ा बाजार नहीं, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक विकसित करने वाले देशों की सूची में भी अपनी मजबूत पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।


