भारतीय वायु सेना एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी ताकत दिखाने के लिए तैयार है। इस बार मौका है ऑस्ट्रेलिया में आयोजित होने वाले दुनिया के सबसे बड़े बहुराष्ट्रीय हवाई सैन्य अभ्यास ‘एक्सरसाइज पिच ब्लैक 2026’ का, जिसमें 19 देशों की वायु सेनाएं हिस्सा ले रही हैं।
भारत इस प्रतिष्ठित सैन्य अभ्यास में अपने अत्याधुनिक राफेल लड़ाकू विमानों के साथ शामिल हुआ है। यह सिर्फ एक सैन्य अभ्यास नहीं, बल्कि आधुनिक युद्ध कौशल, रणनीति और विभिन्न देशों की सेनाओं के बीच तालमेल को मजबूत करने का बड़ा मंच माना जाता है।
एक्सरसाइज पिच ब्लैक का आयोजन रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स करती है। इसकी शुरुआत वर्ष 1981 में हुई थी। समय के साथ यह दुनिया के सबसे बड़े और सबसे चुनौतीपूर्ण एयर कॉम्बैट अभ्यासों में शामिल हो चुका है।
इस अभ्यास में लड़ाकू विमान, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग टैंकर और हजारों सैन्यकर्मी हिस्सा लेते हैं। कई देशों की वायु सेनाएं मिलकर युद्ध जैसी परिस्थितियों में ऑपरेशन का अभ्यास करती हैं।
भारतीय वायु सेना के अनुसार इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य विभिन्न देशों की वायु सेनाओं के साथ मिलकर ऑपरेशन चलाने का अनुभव प्राप्त करना, संयुक्त मिशनों की योजना बनाना, आधुनिक हवाई रणनीतियों को समझना और भविष्य में संभावित बहुराष्ट्रीय अभियानों के लिए बेहतर तैयारी करना है।
इस दौरान भारतीय राफेल लड़ाकू विमान कई तरह के मिशनों में भाग लेंगे। भारतीय पायलट दूसरे देशों के पायलटों के साथ मिलकर उड़ान भरेंगे और जटिल हवाई अभियानों का अभ्यास करेंगे।
राफेल भारतीय वायु सेना के सबसे आधुनिक मल्टीरोल लड़ाकू विमानों में से एक है। यह हवा से हवा और हवा से जमीन दोनों तरह के मिशनों को अंजाम देने में सक्षम है। इसकी आधुनिक रडार प्रणाली, लंबी दूरी की मिसाइल क्षमता और अत्याधुनिक एवियोनिक्स इसे दुनिया के सबसे प्रभावी लड़ाकू विमानों में शामिल करते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बहुराष्ट्रीय अभ्यास भारतीय वायु सेना को नई तकनीकों, आधुनिक युद्ध रणनीतियों और विभिन्न देशों की सैन्य कार्यप्रणालियों को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। इससे भविष्य में किसी संयुक्त अभियान के दौरान समन्वय स्थापित करना और अधिक आसान हो जाता है।
हाल के वर्षों में भारत ने कई बड़े अंतरराष्ट्रीय सैन्य अभ्यासों में सक्रिय भागीदारी बढ़ाई है। इसका उद्देश्य केवल अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि मित्र देशों के साथ रक्षा सहयोग को और मजबूत बनाना भी है।
ऑस्ट्रेलिया में होने वाला यह अभ्यास भारत और अन्य सहभागी देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को भी नई मजबूती देगा। साथ ही भारतीय पायलटों को विभिन्न परिस्थितियों में उड़ान और संयुक्त ऑपरेशन का महत्वपूर्ण अनुभव मिलेगा।
कुल मिलाकर, एक्सरसाइज पिच ब्लैक 2026 भारतीय वायु सेना के लिए अपनी पेशेवर क्षमता, आधुनिक तकनीक और वैश्विक स्तर पर बढ़ती भूमिका को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।


