बॉलीवुड की चर्चित फिल्म ‘ओह माय गॉड 2’ यानी OMG 2 को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। अभिनेता परेश रावल के हालिया बयान के बाद अब फिल्म के को-प्रोड्यूसर अश्विन वार्डे ने सामने आकर उनकी बातों का जवाब दिया है। अश्विन वार्डे ने साफ कहा है कि परेश रावल का यह दावा सही नहीं है कि फिल्म की कहानी या आइडिया उनका था।
हाल ही में एक इंटरव्यू में परेश रावल ने कहा था कि OMG 2 का मूल विचार उन्होंने दिया था, लेकिन उन्हें इसका श्रेय नहीं मिला। इस बयान के बाद फिल्म से जुड़े लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई।
अब इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए अश्विन वार्डे ने बताया कि फिल्म की कहानी सबसे पहले निर्देशक अमित राय ने उन्हें सुनाई थी। कहानी सुनने के बाद उन्हें इसकी थीम पहली फिल्म ‘ओह माय गॉड’ जैसी लगी।
अश्विन वार्डे के अनुसार, उस समय अमित राय ने बताया था कि परेश रावल ने उन्हें इसी तरह की कहानी पर काम करने के लिए कहा था। लेकिन इसका मतलब यह नहीं था कि कहानी या उसके अधिकार परेश रावल के पास थे।
उन्होंने कहा कि पहली फिल्म ‘ओह माय गॉड’ के अधिकार अभिनेता अक्षय कुमार के पास थे। ऐसे में उस फ्रेंचाइज़ी या उससे जुड़ी किसी नई फिल्म पर आगे बढ़ने से पहले उनकी अनुमति आवश्यक थी।
अश्विन वार्डे ने आगे कहा कि बाद में उन्हें महसूस हुआ कि परेश रावल इसी तरह की कहानी को किसी दूसरे नाम से आगे बढ़ाना चाहते थे, लेकिन ऐसा करना उचित नहीं माना जा सकता था।
इस विवाद में एक और दिलचस्प पहलू भी सामने आया। परेश रावल ने दावा किया था कि उन्होंने फिल्म में अक्षय कुमार वाले किरदार के लिए पहले अजय देवगन और सलमान खान से भी बातचीत की थी।
इस पर अश्विन वार्डे ने कहा कि दोनों अभिनेताओं ने भी परेश रावल को यही सलाह दी थी कि चूंकि पहली फिल्म से जुड़े अधिकार अक्षय कुमार के पास हैं, इसलिए पहले उनसे अनुमति लेना जरूरी होगा। यदि अनुमति न मिले, तो उस परियोजना पर आगे नहीं बढ़ना चाहिए।
अश्विन वार्डे के अनुसार, बाद में उनकी कंपनी ने इस स्क्रिप्ट के अधिकार विधिवत खरीदे और आज भी यह स्क्रिप्ट केवल अमित राय के नाम पर पंजीकृत है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि फिल्म की कहानी पर परेश रावल का स्वामित्व जताना सही नहीं है। उनका कहना था कि फिल्म निर्माण के दौरान कई बैठकों में परेश रावल शामिल रहे, लेकिन उन्होंने कभी यह दावा नहीं किया कि कहानी उनकी है।
अश्विन वार्डे ने यह भी कहा कि किसी के साथ कोई अन्याय नहीं हुआ। उनका उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना था कि फिल्म के अधिकार और प्रक्रिया पूरी तरह कानूनी और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ें।
फिलहाल इस विवाद पर परेश रावल की ओर से कोई नई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर कोई और बयान सामने आता है या नहीं।


