दिल्ली के चर्चित आईआरएस अधिकारी की 22 वर्षीय बेटी के कथित रेप और हत्या मामले में बड़ा कानूनी अपडेट सामने आया है। दिल्ली की एक अदालत ने इस मामले में आरोपी राहुल मीणा के खिलाफ पुलिस द्वारा दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान ले लिया है। मामले की अगली सुनवाई अब 1 अगस्त को होगी।
शनिवार को हुई सुनवाई के दौरान न्यायिक मजिस्ट्रेट दीपिका ठाकरण की अदालत ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि मामले से जुड़े सभी वीडियो साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए। साथ ही इन वीडियो साक्ष्यों की जानकारी बचाव पक्ष के वकील को भी उपलब्ध कराई जाए, ताकि न्यायिक प्रक्रिया निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ सके।
पुलिस ने इस मामले की जांच पूरी करने के बाद गुरुवार को अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। चार्जशीट में आरोपी राहुल मीणा पर दुष्कर्म, हत्या और चोरी सहित कई गंभीर धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।
यह मामला 22 अप्रैल का है। पीड़िता एक वरिष्ठ आईआरएस अधिकारी की बेटी थीं। वह आईआईटी से स्नातक थीं और भारतीय प्रशासनिक सेवा (Civil Services) परीक्षा की तैयारी कर रही थीं।
पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन पीड़िता अपने परिवार के साथ पूर्वी कैलाश स्थित कैलाश हिल्स इलाके के घर में थीं। सुबह जब उनके माता-पिता जिम से लौटे तो उन्होंने अपनी बेटी को मृत अवस्था में पाया। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने पूर्व घरेलू सहायक राहुल मीणा को गिरफ्तार किया। पुलिस का आरोप है कि उसने घर में घुसकर वारदात को अंजाम दिया। मामले की जांच के दौरान फोरेंसिक साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी सबूत जुटाए गए, जिनके आधार पर चार्जशीट अदालत में पेश की गई।
अदालत ने अब चार्जशीट का संज्ञान लेते हुए दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अगली सुनवाई 1 अगस्त को होगी, जहां मामले की आगे की न्यायिक कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।
यह मामला राजधानी दिल्ली के चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल है और इसकी सुनवाई पर सभी की नजर बनी हुई है। अदालत में आगे की कार्यवाही के बाद ही आरोप तय होने और मुकदमे की अगली दिशा स्पष्ट होगी।


