शरीर को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन D बेहद जरूरी पोषक तत्वों में से एक है। इसे अक्सर केवल हड्डियों की मजबूती से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन इसकी कमी का असर शरीर के कई अन्य अंगों और कार्यों पर भी पड़ सकता है। इम्यून सिस्टम, मांसपेशियों की ताकत, मूड और घाव भरने की प्रक्रिया तक, विटामिन D की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में शरीर कई ऐसे संकेत देता है, जिन्हें समय रहते पहचानना जरूरी है।
भारत में बड़ी संख्या में लोगों में विटामिन D की कमी पाई जाती है। लंबे समय तक धूप से दूर रहना, सनस्क्रीन का अधिक इस्तेमाल, प्रदूषण, गहरी त्वचा का रंग और भोजन में विटामिन D की कम मात्रा इसकी प्रमुख वजहों में शामिल मानी जाती हैं। यदि आपको नीचे दिए गए संकेत लगातार दिखाई दें, तो डॉक्टर की सलाह लेकर जांच करवाना उचित हो सकता है।
घाव भरने में ज्यादा समय लगना
यदि छोटी-सी चोट या सामान्य घाव को ठीक होने में सामान्य से अधिक समय लग रहा है, तो यह विटामिन D की कमी का संकेत हो सकता है। विटामिन D नई त्वचा बनने और घाव भरने की प्रक्रिया में मदद करता है। इसकी कमी होने पर शरीर की रिकवरी धीमी हो सकती है।
बार-बार मुंह में छाले होना
अगर बिना किसी स्पष्ट कारण के बार-बार मुंह में छाले हो रहे हैं, तो यह भी विटामिन D की कमी से जुड़ा हो सकता है। यह विटामिन इम्यून सिस्टम को संतुलित रखने में मदद करता है। इसकी कमी से मुंह की अंदरूनी परत में सूजन बढ़ सकती है, जिससे छालों की समस्या बार-बार हो सकती है।
सिर और माथे पर ज्यादा पसीना आना
यदि बिना अधिक गर्मी या शारीरिक मेहनत के भी सिर और माथे पर बार-बार पसीना आता है, तो इसे भी विटामिन D की कमी के संभावित संकेतों में माना जाता है। हालांकि इसके पीछे अन्य कारण भी हो सकते हैं, इसलिए लगातार ऐसा होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
सीढ़ियां चढ़ते समय पैरों में कमजोरी
अगर थोड़ी-सी चढ़ाई पर ही पैरों में भारीपन, कमजोरी या थकान महसूस होने लगे, तो यह मांसपेशियों की कमजोरी का संकेत हो सकता है। विटामिन D मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी कमी से खासकर जांघों और पैरों की मांसपेशियां प्रभावित हो सकती हैं।
बार-बार थकान और शरीर में दर्द
हर समय थकान महसूस होना, शरीर में दर्द रहना या बिना ज्यादा मेहनत के कमजोरी महसूस होना भी विटामिन D की कमी से जुड़ा हो सकता है। यदि पर्याप्त आराम के बाद भी ये समस्याएं बनी रहती हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर रहेगा।
विटामिन D की कमी से कैसे बचें?
रोजाना कुछ समय सुबह की धूप में रहना, विटामिन D युक्त खाद्य पदार्थ जैसे अंडे की जर्दी, फैटी फिश, फोर्टिफाइड दूध और मशरूम का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है। यदि डॉक्टर सलाह दें, तो विटामिन D सप्लीमेंट भी लिए जा सकते हैं। बिना चिकित्सकीय सलाह के सप्लीमेंट लेना उचित नहीं है।
यदि ऊपर बताए गए लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो स्वयं निष्कर्ष निकालने के बजाय डॉक्टर से परामर्श लेकर आवश्यक जांच करवानी चाहिए। सही समय पर पहचान और उपचार से विटामिन D की कमी को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।


