सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में कांवड़ यात्रा 2026 को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। कांवड़ मार्गों पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित और शुद्ध भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत कांवड़ रूट पर स्थित होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों पर लगातार निरीक्षण किया जा रहा है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों को कांवड़ यात्रा मार्गों पर तैनात किया गया है। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि श्रद्धालुओं को स्वच्छ, शुद्ध और निर्धारित दरों पर भोजन उपलब्ध हो। साथ ही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और स्वच्छता के मानकों का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
खाद्य सुरक्षा सहायक आयुक्त डॉ. चमन पाल ने बताया कि सहारनपुर जिले के कांवड़ मार्ग पर स्थित करीब 150 ढाबों और रेस्टोरेंटों पर ‘फूड सेफ्टी ऐप’ से जुड़े QR कोड और निर्धारित रेट लिस्ट चस्पा कर दी गई है। इससे यात्रियों को पारदर्शी व्यवस्था का लाभ मिलेगा।
उन्होंने बताया कि श्रद्धालु QR कोड स्कैन करके संबंधित ढाबा संचालक का नाम, खाद्य लाइसेंस नंबर और अन्य आवश्यक जानकारी आसानी से देख सकते हैं। यदि किसी ढाबे पर निर्धारित मूल्य से अधिक पैसे वसूले जाते हैं या भोजन की गुणवत्ता में कोई कमी मिलती है, तो यात्री उसी QR कोड के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं।
प्रशासन ने कांवड़ यात्रा के दौरान विशेष धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए कांवड़ मार्ग पर लहसुन, प्याज और नॉनवेज खाद्य पदार्थों की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश भी दिए हैं। विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
अधिकारियों का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु सहारनपुर से होकर गुजरते हैं। ऐसे में खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से यह विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।


