संसद के मानसून सत्र में नीट प्रश्नपत्र लीक और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गतिरोध सोमवार को भी जारी रहा। विपक्षी दल गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की मांग पर अड़े रहे, जिसके चलते लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। लगातार हंगामे के कारण लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा शुरू नहीं हो सकी।
लोकसभा में सरकार ने विपक्ष के शोर-शराबे के बीच लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह विधेयक सदन के पटल पर रखा। हालांकि, विपक्षी सदस्यों के विरोध के कारण इस पर विस्तृत चर्चा नहीं हो पाई।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी दलों से महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या से निपटने के लिए एक अहम कदम है और सभी दलों को इस पर अपने सुझाव रखने चाहिए। इसके बावजूद विपक्ष ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर पहले सरकार से जवाब देने की मांग दोहराई।
विपक्ष के लगातार हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही तीन बार स्थगित करनी पड़ी और अंततः पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। वहीं राज्यसभा की कार्यवाही भी चार बार बाधित होने के बाद अगले दिन सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने विपक्ष के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार लंबे समय से मांग किए जा रहे पेपर लीक विरोधी विधेयक पर चर्चा के लिए तैयार है। उनके अनुसार सरकार ने विपक्ष से सहयोग की अपील की, लेकिन विपक्ष ने चर्चा में भाग लेने के बजाय सदन की कार्यवाही बाधित की।
सूत्रों के अनुसार, सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इस विधेयक पर चर्चा को लेकर प्रारंभिक सहमति बनी है। यदि सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलती है, तो लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा अगले दिन शुरू हो सकती है।
नीट पेपर लीक और छात्रों पर कार्रवाई का मुद्दा फिलहाल संसद में प्रमुख राजनीतिक विषय बना हुआ है। सरकार और विपक्ष दोनों अपने-अपने रुख पर कायम हैं, जिसके कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित हो रही है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आगामी बैठक में गतिरोध खत्म होता है या नहीं।


