चेन्नई के किलपॉक स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ (Institute of Mental Health) से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। मानसिक उपचार के लिए भर्ती एक हत्या के आरोपी की कथित तौर पर उसी वार्ड में रह रहे दूसरे मरीज ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और घटना के कारणों की पड़ताल की जा रही है।
मृतक की पहचान 27 वर्षीय जाकिर के रूप में हुई है, जो तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले के पोलाची का रहने वाला था। पुलिस के अनुसार जाकिर को वर्ष 2024 में अलीयार पार्क में एक बुजुर्ग की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। बाद में अदालत ने उसकी मानसिक स्थिति का परीक्षण कराने और उपचार के लिए उसे नवंबर 2024 में किलपॉक इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ भेजने का आदेश दिया था। तब से वह वहीं भर्ती था और चिकित्सकीय निगरानी में उसका इलाज चल रहा था।
पुलिस के मुताबिक घटना के दौरान जाकिर और उसी वार्ड में भर्ती 19 वर्षीय अरविंदसामी के बीच कथित तौर पर विवाद हुआ। देखते ही देखते विवाद हिंसक झगड़े में बदल गया। आरोप है कि अरविंदसामी ने जाकिर के सिर और चेहरे पर कई बार हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल के कर्मचारियों ने तुरंत बीच-बचाव किया और घायल को इलाज के लिए ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे बचाने की कोशिशों के बावजूद मृत घोषित कर दिया।
जांच में सामने आया है कि आरोपी अरविंदसामी तमिलनाडु के तेनकासी जिले का रहने वाला है। उसे भी अपनी मां की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। अदालत के निर्देश पर उसकी मानसिक स्थिति के उपचार के लिए उसे भी इसी मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में भर्ती कराया गया था। दोनों मरीज एक ही वार्ड में रह रहे थे और अस्पताल प्रशासन की निगरानी में उनका इलाज जारी था।
घटना के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और अस्पताल प्रशासन से पूरी जानकारी जुटाई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
इस घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और मरीजों की निगरानी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि वार्ड के भीतर हिंसक झगड़ा कैसे हुआ और क्या सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की चूक हुई थी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।
अस्पताल प्रशासन ने भी घटना की आंतरिक समीक्षा शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल पूरे मामले में पुलिस की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।


