भारतीय महिला हॉकी टीम आगामी हॉकी विश्व कप और एशियाई खेलों की तैयारियों में पूरी तरह जुटी हुई है। टीम की अनुभवी गोलकीपर सविता पूनिया ने बताया कि अब खिलाड़ी फिटनेस को लेकर पहले से कहीं अधिक अनुशासित हो गए हैं। उनका कहना है कि अब खिलाड़ियों को मिठाई, चॉकलेट और फास्ट फूड से दूर रहने के लिए किसी निगरानी की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि सभी खिलाड़ी अपने लक्ष्य को लेकर पूरी तरह गंभीर हैं।
सविता पूनिया ने एक इंटरव्यू में बताया कि टोक्यो ओलंपिक से पहले टीम के ट्रेनर वेन लोम्बार्ड ने खिलाड़ियों की फिटनेस के लिए सख्त नियम बनाए थे। उस समय खिलाड़ियों को चीनी, मिठाई, केक, चॉकलेट और फास्ट फूड से दूर रहने के लिए लगातार प्रेरित किया जाता था। अब स्थिति बदल चुकी है और खिलाड़ी खुद ही अपनी डाइट का पूरा ध्यान रखते हैं।
उन्होंने कहा कि फिटनेस केवल शारीरिक तैयारी का हिस्सा नहीं है, बल्कि बड़े टूर्नामेंटों में बेहतर प्रदर्शन के लिए मानसिक अनुशासन भी उतना ही जरूरी है। खिलाड़ियों को यह एहसास रहता है कि यदि वे अपनी पसंदीदा चीजों का त्याग कर रहे हैं, तो उसका उद्देश्य देश के लिए बेहतर प्रदर्शन करना है।
सविता ने बताया कि हाल ही में एफआईएच नेशंस कप जीतने के बाद टीम के लिए केक मंगाया गया था, लेकिन खिलाड़ियों ने उसे खाने के बजाय मजाक में कहा कि अब मिठाई लॉस एंजिलिस ओलंपिक के बाद ही खाई जाएगी। उनके अनुसार यह बदलाव टीम की मजबूत मानसिकता और लक्ष्य के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
उन्होंने टीम के मुख्य कोच शोर्ड मारिन और सहयोगी स्टाफ की भी सराहना की। सविता के मुताबिक कोचिंग स्टाफ प्रत्येक खिलाड़ी की फिटनेस, रिकवरी, डाइट और तकनीकी तैयारी पर व्यक्तिगत स्तर पर काम कर रहा है। उनका मानना है कि खिलाड़ियों की जिम्मेदारी है कि वे मैदान पर अच्छा प्रदर्शन कर कोचिंग स्टाफ की मेहनत का परिणाम दें।
सविता पूनिया ने कहा कि एफआईएच नेशंस कप में मिली सफलता से टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ा है। अब भारतीय महिला टीम की नजरें विश्व कप, एशियाई खेलों और भविष्य में होने वाले ओलंपिक पर टिकी हैं। उनका मानना है कि लगातार बड़े टूर्नामेंट खेलने से टीम का अनुभव बढ़ेगा और प्रदर्शन में भी सुधार होगा।
विश्व कप में भारत का मुकाबला इंग्लैंड और चीन जैसी मजबूत टीमों से होना है। सविता के अनुसार, चीन के खिलाफ पिछले मुकाबलों में टीम ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल गंवाए हैं, इसलिए इस बार पेनल्टी कॉर्नर डिफेंस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टीम हर मैच के लिए अलग रणनीति तैयार करेगी।
भारतीय पुरुष हॉकी टीम के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए सविता ने कहा कि लगातार दो ओलंपिक पदक जीतने वाली पुरुष टीम से महिला खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलती है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय महिला हॉकी टीम भी आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में देश के लिए पदक जीतने का पूरा प्रयास करेगी और अपनी मेहनत को सफलता में बदलने के लिए पूरी तरह तैयार है।


