उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के किशनपुर स्थित सर्वोदय इंटर कॉलेज में मंगलवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब करीब 1800 छात्र-छात्राओं ने स्कूल में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों ने स्कूल गेट पर एकत्र होकर नारेबाजी की और बिजली, पंखे, शुद्ध पेयजल, साफ-सफाई, शौचालय और बैठने की उचित व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई।
छात्रों का आरोप है कि लंबे समय से स्कूल में बिजली और पंखों की व्यवस्था ठीक नहीं है, जिससे गर्मी के मौसम में कक्षाओं में बैठकर पढ़ाई करना बेहद मुश्किल हो गया है। इसके अलावा परिसर में साफ पेयजल की भी उचित व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण छात्रों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से छात्रों में नाराजगी बढ़ती गई।
प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं ने बताया कि स्कूल के शौचालयों की स्थिति भी काफी खराब है। नियमित सफाई न होने के कारण वहां जाना मुश्किल हो गया है। छात्रों का कहना है कि स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधा के अभाव का सीधा असर उनके स्वास्थ्य और पढ़ाई पर पड़ रहा है। उन्होंने स्कूल प्रशासन पर समस्याओं की लगातार अनदेखी करने का आरोप लगाया।
विद्यालय में कक्षा 6, 7 और 8 के विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त बेंच भी उपलब्ध नहीं हैं। कई छात्रों को जमीन पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। छात्रों का कहना है कि इस तरह के माहौल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की उम्मीद करना कठिन है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मिड-डे मील सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में भी कई तरह की कमियां बनी हुई हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) राकेश कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्कूल परिसर का निरीक्षण किया और छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बिजली, पंखे, पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई और बैठने की व्यवस्था सहित सभी आवश्यक सुविधाओं को जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों और स्कूल प्रबंधन को दिए।
जिला विद्यालय निरीक्षक ने आश्वासन दिया कि छात्रों की सभी जायज मांगों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी विद्यालय में बुनियादी सुविधाओं का अभाव स्वीकार नहीं किया जा सकता और शिक्षा का बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। साथ ही उन्होंने स्कूल प्रबंधन को नियमित रूप से व्यवस्थाओं की निगरानी करने के निर्देश भी दिए।
प्रशासन के आश्वासन के बाद छात्रों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे दोबारा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। छात्रों ने उम्मीद जताई कि इस बार प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए स्कूल की सभी कमियों को जल्द दूर किया जाएगा।
यह मामला एक बार फिर सरकारी विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर सवाल खड़े करता है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर शिक्षा के लिए केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि सुरक्षित और सुविधाजनक स्कूल वातावरण भी उतना ही आवश्यक है। ऐसे में प्रशासन द्वारा समय पर उठाए गए कदम छात्रों के हित में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।


