आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के वरिष्ठ नेता जोगी रमेश एक नए विवाद में घिर गए हैं। उनकी बहू मेघना ने जोगी रमेश, उनके बेटे जोगी राजीव और परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मेघना ने अपनी 24 पन्नों की विस्तृत शिकायत में कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया है। शिकायत में दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा, मारपीट और मानसिक उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि शादी से पहले उनके पति का धर्म छिपाया गया, जिसकी जानकारी उन्हें विवाह के बाद हुई।
एनटीआर जिले की पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी आरोपों की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की जा रही है। जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत के अनुसार, मेघना का कहना है कि उनकी शादी शुरुआत में सामान्य प्रतीत हुई, लेकिन विवाह के कुछ समय बाद ही ससुराल में उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार शुरू हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया तथा दहेज को लेकर भी दबाव बनाया गया।
मेघना ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि परिवार के कई सदस्य कथित रूप से इस प्रताड़ना में शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ कई बार मारपीट की गई और उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया गया। इन आरोपों को लेकर पुलिस अब सभी संबंधित लोगों से पूछताछ की तैयारी कर रही है।
दूसरी ओर, मामले में आरोपित पक्ष की ओर से अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे मामलों में जांच पूरी होने से पहले किसी भी पक्ष को दोषी या निर्दोष मानना उचित नहीं है। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।
यह मामला सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में भी इसकी चर्चा तेज हो गई है। चूंकि जोगी रमेश राज्य के पूर्व मंत्री और प्रमुख राजनीतिक नेता रहे हैं, इसलिए इस प्रकरण पर लोगों की नजर बनी हुई है। हालांकि, कानूनी प्रक्रिया के तहत अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
फिलहाल पुलिस शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की जांच कर रही है। यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, यदि जांच में अलग तथ्य सामने आते हैं तो उसके अनुसार भी कानून अपना काम करेगा।


