दिल्ली सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘लक्ष्मी योजना’ को कैबिनेट की मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत राजधानी की पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। सरकार के अनुसार, रक्षाबंधन के अवसर पर इस योजना का लाभ देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी और इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने योजना को महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि सरकार जरूरतमंद महिलाओं तक सीधे लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। अनुमान है कि इस योजना से दिल्ली की करीब 17 लाख पात्र महिलाएं लाभान्वित हो सकती हैं।
क्या है ‘लक्ष्मी योजना’?
‘लक्ष्मी योजना’ दिल्ली सरकार की एक आर्थिक सहायता योजना है, जिसके तहत पात्र महिलाओं के बैंक खाते में हर महीने ₹2,500 की राशि सीधे हस्तांतरित की जाएगी। सरकार का कहना है कि इससे महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी और घरेलू खर्चों में भी सहारा मिलेगा।
इन महिलाओं को मिलेगा योजना का लाभ
सरकार ने योजना का लाभ केवल पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए कुछ शर्तें तय की हैं। निर्धारित पात्रता पूरी करने वाली महिलाओं को ही इस योजना का लाभ मिलेगा।
योजना की प्रमुख शर्तें
सरकार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, योजना के लिए कुछ प्रमुख पात्रता शर्तें इस प्रकार हैं—
परिवार में तीन से अधिक बच्चे होने पर महिला इस योजना के लिए पात्र नहीं होगी।
जिन परिवारों के पास चार पहिया वाहन है, उन्हें योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
योजना का लाभ केवल सरकार द्वारा निर्धारित अन्य पात्रता मानकों को पूरा करने वाली महिलाओं को ही दिया जाएगा।
आवेदन और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र महिलाओं के खातों में राशि भेजी जाएगी।
रक्षाबंधन से शुरू हो सकती है लाभ वितरण प्रक्रिया
दिल्ली सरकार की योजना है कि रक्षाबंधन के अवसर पर पात्र महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाए। इसके लिए संबंधित विभाग आवेदन, दस्तावेज सत्यापन और लाभार्थियों की सूची तैयार करने की प्रक्रिया पूरी करेगा।
महिला सशक्तीकरण पर सरकार का जोर
सरकार का कहना है कि ‘लक्ष्मी योजना’ का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को नियमित वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपनी दैनिक जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा कर सकें। योजना को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश और आवेदन प्रक्रिया सरकार की ओर से अलग से जारी की जाएगी।


