इंग्लैंड क्रिकेट टीम के अगले टेस्ट हेड कोच को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के पूर्व हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग इस पद के सबसे मजबूत दावेदार बनकर उभरे हैं। बताया जा रहा है कि इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने इस भूमिका को लेकर फ्लेमिंग से संपर्क किया है। हालांकि, अभी तक उनकी नियुक्ति को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
ECB की नजर स्टीफन फ्लेमिंग पर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंग्लैंड टेस्ट टीम के लिए नए हेड कोच की तलाश जारी है। इसी क्रम में ECB के मैनेजिंग डायरेक्टर रॉब की ने स्टीफन फ्लेमिंग से बातचीत की है। माना जा रहा है कि उन्हें ब्रेंडन मैकुलम के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि, बोर्ड की ओर से अभी तक किसी भी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
CSK के साथ रहा शानदार सफर
स्टीफन फ्लेमिंग आईपीएल इतिहास के सबसे सफल कोचों में गिने जाते हैं। उन्होंने 2009 से चेन्नई सुपर किंग्स के हेड कोच के रूप में टीम का नेतृत्व किया और इस दौरान फ्रेंचाइजी को पांच आईपीएल खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
हाल ही में उनका चेन्नई सुपर किंग्स के साथ लंबा सफर समाप्त हुआ, जिसके बाद उनके भविष्य को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
इंग्लिश क्रिकेट का भी है अनुभव
फ्लेमिंग को इंग्लैंड की क्रिकेट परिस्थितियों का भी अच्छा अनुभव है। खिलाड़ी के रूप में उन्होंने मिडलसेक्स, यॉर्कशायर और नॉटिंघमशायर जैसी काउंटी टीमों का प्रतिनिधित्व किया है। यही अनुभव उन्हें इंग्लैंड के कोच पद के लिए मजबूत उम्मीदवार बनाता है।
कई अन्य नाम भी दौड़ में
रिपोर्टों के अनुसार, इस पद के लिए एंडी फ्लावर, टॉम मूडी, रिचर्ड डॉसन और जोनाथन ट्रॉट जैसे अनुभवी नाम भी चर्चा में हैं। हालांकि, फिलहाल स्टीफन फ्लेमिंग को सबसे आगे माना जा रहा है।
पाकिस्तान सीरीज से पहले फैसला संभव
यह अभी स्पष्ट नहीं है कि यदि फ्लेमिंग की नियुक्ति होती है तो क्या वह पाकिस्तान के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज से पहले टीम की जिम्मेदारी संभालेंगे। तब तक इंग्लैंड के सहायक कोच मार्कस ट्रेस्कोथिक अंतरिम हेड कोच की भूमिका निभा सकते हैं।
इंग्लैंड टीम के सामने बड़ी चुनौती
हाल के महीनों में इंग्लैंड टेस्ट टीम का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा है। टीम को भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज ड्रॉ करनी पड़ी, जबकि एशेज में हार और न्यूज़ीलैंड के खिलाफ सीरीज गंवाने के बाद टीम के प्रदर्शन पर सवाल उठे हैं। ऐसे में यदि फ्लेमिंग को जिम्मेदारी मिलती है तो उनके सामने टीम को दोबारा मजबूत बनाने की बड़ी चुनौती होगी।


