अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत तथा सीजेपी (Cockroach Janata Party) के प्रवक्ता सौरव दास के बीच चल रही बयानबाज़ी एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। हाल ही में सौरव दास ने एक इंटरव्यू के दौरान कंगना रनौत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिनेता ऋतिक रोशन का नाम लिया। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और दोनों के बीच जारी जुबानी जंग को लेकर नई बहस छिड़ गई है।
कंगना के बयान के बाद सौरव दास का जवाब
कुछ दिन पहले कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर सौरव दास को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने सौरव को “यूजलेस” और “बेरोजगार” बताते हुए कहा था कि पहले उन्हें कोई हुनर सीखना चाहिए। कंगना ने यह भी लिखा कि 28 वर्ष की उम्र तक वह दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीत चुकी थीं और अपने करियर में कई उपलब्धियां हासिल कर चुकी थीं।
कंगना के इस बयान के बाद सौरव दास ने एक इंटरव्यू में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनके दोस्तों को भी समझ नहीं आ रहा था कि आखिर कंगना उन्हें बार-बार क्यों निशाना बना रही हैं।
ऋतिक रोशन का नाम लेकर किया मजाकिया कमेंट
पत्रकार बरखा दत्त के शो ‘मोजो स्टोरी’ में बातचीत के दौरान सौरव दास ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि उनके एक दोस्त ने मजाक में कहा कि शायद कंगना उनके पीछे इसलिए पड़ी हैं क्योंकि वह थोड़े-बहुत युवा ऋतिक रोशन जैसे दिखते हैं।
हालांकि, सौरव ने यह बात मजाकिया अंदाज में कही, लेकिन उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कई लोगों ने इसे हास्य के रूप में लिया, जबकि कुछ लोगों ने इसे दोनों के बीच चल रही बयानबाज़ी का नया मोड़ बताया।
व्यक्तिगत हमलों के बजाय संवाद पर जोर
सौरव दास ने इंटरव्यू के दौरान यह भी कहा कि वह व्यक्तिगत हमलों की राजनीति में विश्वास नहीं रखते। उनके अनुसार, लोकतंत्र में विचारों का मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन किसी भी बहस को सम्मानजनक तरीके से आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं और प्रसिद्ध व्यक्तियों को अपने शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए क्योंकि उनके बयान का प्रभाव बड़ी संख्या में युवाओं पर पड़ता है।
कॉफी पर मिलने के सवाल पर क्या बोले?
इंटरव्यू के दौरान जब सौरव दास से पूछा गया कि यदि कंगना रनौत उन्हें कॉफी पर बुलाएं तो क्या वह जाएंगे, तो उन्होंने सकारात्मक जवाब दिया।
सौरव ने कहा कि उनकी कंगना रनौत या भाजपा के किसी नेता से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि बातचीत के जरिए मतभेद दूर किए जा सकते हैं तो वह इसके लिए हमेशा तैयार हैं। उनके अनुसार, लोकतंत्र में संवाद सबसे मजबूत माध्यम होता है।
सोशल मीडिया पर तेज हुई बहस
सौरव दास के इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कुछ यूजर्स ने उनके जवाब को मजाकिया और संतुलित बताया, जबकि कुछ लोगों ने कंगना रनौत का समर्थन किया।
दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच भी इस मुद्दे को लेकर बहस जारी है। एक्स, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर इससे जुड़े वीडियो और पोस्ट लगातार शेयर किए जा रहे हैं।
पहले क्या कहा था कंगना रनौत ने?
इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम स्टोरी के माध्यम से सौरव दास पर निशाना साधा था। उन्होंने गूगल पर सौरव की उम्र देखने का दावा करते हुए लिखा कि 28 साल की उम्र में वह दो राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकी थीं, जबकि सौरव को पहले अपने जीवन में कोई हुनर विकसित करना चाहिए।
कंगना की इस टिप्पणी के बाद अब सौरव दास का जवाब भी चर्चा का केंद्र बन गया है।
निष्कर्ष
कंगना रनौत और सौरव दास के बीच जारी बयानबाज़ी फिलहाल थमती नजर नहीं आ रही है। हालांकि, सौरव दास ने अपने हालिया बयान में संवाद और सम्मानजनक बातचीत की वकालत की है। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की ओर से इस मुद्दे पर और प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं। फिलहाल सोशल मीडिया पर दोनों के बयान चर्चा का विषय बने हुए हैं।


