पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के बयान ने विवाद को और बढ़ा दिया है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के साथ किसी भी तरह की बातचीत से इनकार करते हुए उन्हें पाकिस्तान का दुश्मन बताया। दूसरी ओर, प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने सुरक्षा बलों पर कार्रवाई के दौरान कई लोगों के मारे जाने का दावा किया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
ख्वाजा आसिफ का सख्त रुख
मीडिया से बातचीत में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के साथ कोई बातचीत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि वह उन्हें पाकिस्तान का दुश्मन मानते हैं। उनके इस बयान के बाद पीओके में जारी विरोध प्रदर्शनों को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
जेएएसी का बड़ा दावा
प्रदर्शनकारी संगठन ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने दावा किया है कि पिछले दो दिनों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 37 लोगों की मौत हुई है। संगठन का आरोप है कि मृतकों में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी, महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
हालांकि, पाकिस्तान सरकार ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है। सरकार का कहना है कि सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों की झड़पों में किसी की मौत नहीं हुई।
अस्पतालों और इंटरनेट सेवाओं को लेकर आरोप
जेएएसी ने आरोप लगाया है कि कई अस्पतालों पर सुरक्षा बलों का नियंत्रण है और घायलों के उपचार में कठिनाइयां आ रही हैं। संगठन ने यह भी दावा किया कि क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं और मीडिया रिपोर्टिंग पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
सरकार का पक्ष
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने कहा कि सरकार ने पहले प्रदर्शनकारियों से बातचीत की थी और उनकी मांगों पर चर्चा भी हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ समूह हिंसक गतिविधियों में शामिल हैं और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को कार्रवाई करनी पड़ी।
चुनाव के बीच बढ़ा विवाद
पीओके की तथाकथित विधानसभा के चुनाव के दौरान यह विवाद और गहरा गया है। विपक्षी दलों और प्रदर्शनकारी संगठनों ने चुनाव प्रक्रिया में धांधली और सरकारी हस्तक्षेप के आरोप लगाए हैं, जबकि सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है।
भारत की प्रतिक्रिया
भारत ने भी पीओके में कराए जा रहे चुनावों पर अपनी पूर्व घोषित स्थिति दोहराई है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा क्षेत्र, जिसमें पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले हिस्से भी शामिल हैं, भारत का अभिन्न अंग है। भारत का कहना है कि पीओके में हो रहे घटनाक्रम पाकिस्तान के प्रशासनिक और मानवाधिकार संबंधी मुद्दों को भी उजागर करते हैं।
स्थिति पर बनी हुई है नजर
फिलहाल पीओके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। प्रदर्शनकारियों और सरकार के बीच गतिरोध खत्म होने के कोई स्पष्ट संकेत फिलहाल नहीं मिले हैं।


