दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग में खरीद प्रक्रियाओं को लेकर जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने स्वास्थ्य सचिव रुपेश कुमार ठाकुर को नोटिस जारी कर ORS, हैंडहेल्ड पोर्टेबल X-Ray मशीनों और बेडशीट की खरीद से जुड़े मामलों में विस्तृत और तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। इसके साथ ही सरकारी अस्पतालों में दवाइयों, कंज्यूमेबल्स और मेडिकल उपकरणों की खरीद में कथित देरी को लेकर अलग से शो-कॉज नोटिस भी जारी किया गया है।
खरीद प्रक्रिया पर उठे सवाल
स्वास्थ्य मंत्री द्वारा जारी नोटिस में केंद्रीय खरीद एजेंसी (Central Procurement Agency-CPA) के माध्यम से हुई खरीद प्रक्रिया पर कई सवाल उठाए गए हैं। विभाग को निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी मामलों में विस्तृत जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।
ORS खरीद की होगी जांच
नोटिस में ORS (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्ट) की खरीद को लेकर विशेष रूप से जानकारी मांगी गई है। स्वास्थ्य विभाग से पूछा गया है कि 15 रुपये प्रति सैशे की दर से खरीद किस आधार पर की गई।
इसके अलावा विभाग से निम्नलिखित जानकारी मांगी गई है—
खरीद प्रक्रिया का पूरा रिकॉर्ड।
संबंधित वेंडर का नाम।
खरीद दर का आधार।
वेंडर द्वारा दिया गया डिस्काउंट।
जीएसटी का विवरण।
अंतिम भुगतान की कुल लागत।
16 लाख बेडशीट खरीद पर भी रिपोर्ट तलब
स्वास्थ्य मंत्री ने बेडशीट खरीद को लेकर भी विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। नोटिस में करीब 16 लाख बेडशीट कथित रूप से ऊंची कीमत पर खरीदे जाने के आरोपों का उल्लेख करते हुए पूरे मामले की जानकारी मांगी गई है।
विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि 1 अप्रैल 2025 से अब तक खरीदी गई सभी बेडशीटों का पूरा विवरण उपलब्ध कराया जाए। इसमें—
खरीदी गई कुल संख्या
प्रति यूनिट कीमत
गुणवत्ता (स्पेसिफिकेशन)
खरीद प्रक्रिया
संबंधित दस्तावेज
शामिल करने को कहा गया है।
अन्य विभागों से भी होगी तुलना
स्वास्थ्य विभाग को यह भी निर्देश दिया गया है कि समान गुणवत्ता की बेडशीट अन्य सरकारी विभागों और सरकारी अस्पतालों में किस कीमत पर खरीदी गईं, इसकी तुलना करते हुए विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
दवा और मेडिकल उपकरणों की खरीद में देरी पर जवाब
सरकारी अस्पतालों में दवाइयों, कंज्यूमेबल्स और मेडिकल उपकरणों की खरीद में लगातार हो रही कथित देरी को लेकर भी स्वास्थ्य सचिव को अलग से शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है। विभाग से देरी के कारणों और भविष्य में ऐसी स्थिति रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी मांगी गई है।
जवाबदेही तय करने की तैयारी
दिल्ली सरकार का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। नोटिस के आधार पर प्राप्त रिपोर्ट की समीक्षा के बाद आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।
निष्कर्ष
दिल्ली सरकार की इस कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग की खरीद प्रक्रियाओं की गहन समीक्षा होने की संभावना है। अब सभी की नजर स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट और उसके बाद सरकार द्वारा उठाए जाने वाले अगले कदमों पर रहेगी।


