उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से होकर गुजर रही कांवड़ यात्रा में इस बार भक्ति का एक अनोखा और भावुक रूप देखने को मिल रहा है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर यमुनानगर की ओर जा रहे एक परिवार की कांवड़ लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। इस कांवड़ में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल जी को विराजमान किया गया है।
परिवार के सदस्य लड्डू गोपाल जी को अपने साथ लेकर पैदल यात्रा कर रहे हैं। भक्तों ने सबसे पहले हरिद्वार में ठाकुर जी को गंगा स्नान कराया। इसके बाद उन्हें विशेष रूप से तैयार किए गए वॉकर में विराजमान किया गया और अब परिवार के लोग उन्हें अपने साथ लेकर पैदल यमुनानगर की ओर बढ़ रहे हैं।
यात्रा के दौरान परिवार के सदस्य अपने साथ गंगाजल भी लेकर चल रहे हैं। बताया गया है कि यमुनानगर पहुंचने के बाद इस गंगाजल को भगवान भोलेनाथ को अर्पित किया जाएगा। कांवड़ यात्रा के दौरान परिवार की श्रद्धा और भगवान कृष्ण के प्रति उनकी आस्था को देखकर आसपास से गुजर रहे लोग भी कुछ देर के लिए रुक रहे हैं।
लड्डू गोपाल जी को वॉकर में साथ लेकर चलने का यह अनोखा तरीका राहगीरों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। कोई इस भक्ति को देखकर भावुक हो रहा है तो कोई अपने मोबाइल फोन में इस अनोखे दृश्य को कैद करता नजर आ रहा है। यात्रा के दौरान परिवार लगातार पैदल आगे बढ़ रहा है।
परिवार का कहना है कि जब मन में सच्ची भक्ति और आस्था होती है तो लंबा सफर भी मुश्किल नहीं लगता। उनके अनुसार, ठाकुर जी उनके साथ हैं, इसलिए यात्रा के दौरान उन्हें थकान महसूस नहीं होती। यही वजह है कि परिवार पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ कांवड़ यात्रा पूरी करने में जुटा हुआ है।
कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर जाते हैं। रास्ते में भगवान शिव के जयकारों के साथ कांवड़िए अपनी यात्रा पूरी करते हैं। लेकिन इस परिवार की यात्रा में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को साथ लेकर चलने का दृश्य श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण बना हुआ है।
भक्तों ने लड्डू गोपाल जी के लिए यात्रा के दौरान विशेष व्यवस्था भी की है। उन्हें वॉकर में सुरक्षित तरीके से बैठाकर परिवार के सदस्य साथ-साथ चल रहे हैं। उनका कहना है कि ठाकुर जी को अकेला छोड़ने के बजाय उन्होंने उन्हें अपनी यात्रा का हिस्सा बनाया है।
सहारनपुर से गुजरते समय इस अनोखी कांवड़ को देखने के लिए राहगीरों की नजरें भी ठहर रही हैं। कांवड़ यात्रा में शामिल अन्य श्रद्धालु भी इस भक्ति भाव को देखकर उत्साहित नजर आ रहे हैं। भगवान के प्रति श्रद्धा और परिवार की आस्था का यह दृश्य यात्रा के बीच लोगों के लिए खास आकर्षण बन गया है।
परिवार के लिए यह सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था और विश्वास से जुड़ा धार्मिक संकल्प है। गंगाजल लेकर हरिद्वार से शुरू हुआ उनका सफर अब यमुनानगर की ओर बढ़ रहा है, जहां पहुंचकर गंगाजल भगवान भोलेनाथ को अर्पित किया जाएगा।
इस अनोखी कांवड़ यात्रा ने यह दिखाया है कि श्रद्धालु अपनी आस्था को अलग-अलग तरीकों से व्यक्त करते हैं। किसी के लिए कांवड़ सिर्फ गंगाजल ले जाने का माध्यम है तो किसी के लिए यह अपने आराध्य को यात्रा में साथ लेकर चलने का अवसर भी है। लड्डू गोपाल जी को साथ लेकर पैदल चल रहा यह परिवार इसी अनोखी भक्ति की वजह से लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।


