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Hebrew University की रिसर्च में बड़ा खुलासा, Israel के Food-Aid सिस्टम में असमानता और खामियां उजागर

इजरायल के फूड-एड यानी भोजन सहायता सिस्टम को लेकर Hebrew University के शोधकर्ताओं की एक नई रिसर्च सामने आई है। इस अध्ययन में देश के फूड-एड नेटवर्क की व्यापक राष्ट्रीय मैपिंग की गई है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, यह पहली ऐसी विस्तृत स्टडी है, जिसमें इजरायल में जरूरतमंद लोगों तक भोजन सहायता पहुंचाने वाले नेटवर्क के आकार, ढांचे और कवरेज को व्यवस्थित तरीके से समझने की कोशिश की गई है। रिसर्च के नतीजों ने मौजूदा व्यवस्था की क्षमता और समानता को लेकर कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े किए हैं।

स्टडी के मुताबिक, इजरायल में फूड-एड सिस्टम का बड़ा हिस्सा सरकारी एजेंसियों के बजाय गैर-लाभकारी संगठनों यानी Nonprofit Organisations के नेटवर्क के माध्यम से संचालित होता है। ये संगठन अलग-अलग इलाकों में जरूरतमंद लोगों को भोजन उपलब्ध कराने का काम करते हैं। हालांकि, शोध में सामने आया कि यह नेटवर्क काफी बिखरा हुआ है और इसकी पहुंच सभी क्षेत्रों तथा समुदायों में एक जैसी नहीं है।

रिसर्चर्स का कहना है कि फूड-एड सिस्टम में सरकारी फंडिंग की भूमिका सीमित दिखाई देती है। ऐसे में भोजन सहायता उपलब्ध कराने के लिए बड़ी संख्या में गैर-लाभकारी संस्थाओं पर निर्भरता बनी हुई है। अलग-अलग संगठनों की क्षमता, संसाधन और स्थानीय स्तर पर मौजूदगी अलग होने के कारण जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचने की स्थिति भी क्षेत्र के हिसाब से बदल सकती है।

स्टडी में क्षेत्रीय असमानता को भी महत्वपूर्ण मुद्दे के रूप में सामने रखा गया है। कुछ इलाकों में जरूरतमंद लोगों के लिए फूड-एड उपलब्ध कराने वाले संगठनों का नेटवर्क अपेक्षाकृत मजबूत है, जबकि कुछ क्षेत्रों में इसकी पहुंच कम दिखाई देती है। इसका मतलब यह है कि भोजन की समस्या का सामना कर रहे लोगों को सहायता मिलने की संभावना उनके रहने वाले इलाके और वहां सक्रिय संगठनों की उपलब्धता पर निर्भर हो सकती है।

शोधकर्ताओं ने समुदायों के बीच भी कवरेज में अंतर की ओर ध्यान दिलाया है। अगर एक ही देश में अलग-अलग समुदायों को भोजन सहायता की उपलब्धता समान नहीं है, तो इससे खाद्य असुरक्षा यानी Food Insecurity की समस्या को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। खासतौर पर उन परिवारों के लिए यह चुनौती ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकती है, जो नियमित रूप से भोजन सहायता पर निर्भर हैं।

इस रिसर्च का सबसे अहम सवाल यही है कि क्या मौजूदा फूड-एड सिस्टम लंबे समय तक भोजन की कमी का सामना कर रहे लोगों को लगातार और समान रूप से सहायता उपलब्ध करा सकता है। केवल जरूरत के समय भोजन उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं माना जा सकता, बल्कि सहायता की नियमितता, पहुंच और वितरण व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होती है।

अध्ययन की खास बात यह है कि इसमें पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर फूड-एड नेटवर्क को मैप करने की कोशिश की गई है। इससे नीति बनाने वालों और सामाजिक संगठनों को यह समझने में मदद मिल सकती है कि देश के किन हिस्सों में भोजन सहायता की जरूरत ज्यादा है और कहां मौजूदा नेटवर्क की पहुंच सीमित है।

रिसर्च के नतीजे ऐसे समय में सामने आए हैं जब दुनिया के कई हिस्सों में खाद्य सुरक्षा और जरूरतमंद परिवारों तक भोजन पहुंचाने की व्यवस्था को लेकर चर्चा बढ़ रही है। इजरायल में भी यह अध्ययन इस बात पर बहस को आगे बढ़ा सकता है कि भोजन सहायता को अधिक व्यवस्थित, समान और प्रभावी बनाने के लिए सरकार और गैर-लाभकारी संगठनों के बीच किस तरह का समन्वय जरूरी है।

कुल मिलाकर Hebrew University की यह रिसर्च इजरायल के फूड-एड सिस्टम की मौजूदा संरचना की एक महत्वपूर्ण तस्वीर पेश करती है। अध्ययन में किसी एक संस्था को जिम्मेदार ठहराने के बजाय पूरे नेटवर्क की संरचना, सरकारी फंडिंग की सीमित भूमिका और अलग-अलग क्षेत्रों में सहायता की असमान पहुंच पर ध्यान दिया गया है। अब इन निष्कर्षों के आधार पर यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इजरायल में भोजन सहायता व्यवस्था को ज्यादा समान और प्रभावी बनाने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

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