गुरुग्राम में संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, रोहित गोदारा और लिपिन नेहरा गैंग से कथित तौर पर जुड़े 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में अवैध हथियार और कारतूस बरामद होने की बात सामने आई है। बरामद सामान की कीमत करीब 40 लाख रुपये बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 7 पिस्टल, एक राइफल, 33 कारतूस और 9 मैगजीन बरामद की गई हैं। इतनी बड़ी संख्या में हथियार मिलने के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन हथियारों का इस्तेमाल किन वारदातों के लिए किया जाना था और इन्हें आरोपियों तक कौन पहुंचा रहा था।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कथित तौर पर हरियाणा के अलावा राजस्थान, पंजाब और दिल्ली-NCR में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क से संपर्क होने की आशंका है। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों की जानकारी जुटाने के लिए पूछताछ कर रही है।
पुलिस का दावा है कि आरोपी किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे। आशंका जताई जा रही है कि रंगदारी वसूलने और हिंसक वारदातों के लिए इन हथियारों का इस्तेमाल किया जा सकता था। हालांकि, इन आरोपों की पूरी तस्वीर जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई के बाद ही साफ होगी।
गुरुग्राम पुलिस की इस कार्रवाई को गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस अब बरामद हथियारों के स्रोत का पता लगाने के साथ-साथ आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और उनके संपर्कों की भी जांच कर रही है।
जांच का एक अहम हिस्सा यह भी है कि क्या गिरफ्तार आरोपियों का किसी बड़े गैंग नेटवर्क से सीधा संपर्क था या वे किसी स्थानीय मॉड्यूल के जरिए काम कर रहे थे। पुलिस इनके मोबाइल फोन, संपर्कों और अन्य संभावित कड़ियों की जांच कर रही है।
फिलहाल 6 आरोपियों की गिरफ्तारी और हथियारों की बरामदगी के बाद पुलिस का कहना है कि समय रहते कार्रवाई से संभावित आपराधिक वारदातों को रोकने में मदद मिली है। अब जांच आगे बढ़ने के साथ यह पता चलेगा कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और हथियारों की खेप कहां से पहुंची थी।


