नेपाल में बाढ़ का कहर अभी थमा भी नहीं है कि एक और बड़े खतरे ने चिंता बढ़ा दी है। रसुवा जिले में अचानक आई भयानक बाढ़ के बाद एक बैरियर झील के टूटने से हालात और गंभीर होने की आशंका पैदा हो गई है। इस नए खतरे के बीच भारत ने नेपाल में फंसे लोगों और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अपनी निगरानी तेज कर दी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को नेपाल में चल रहे राहत और बचाव कार्यों की स्थिति की समीक्षा की और पूरे घटनाक्रम की ताजा जानकारी ली।
बताया जा रहा है कि नेपाल के रसुवा जिले में अचानक आई बाढ़ ने पहले ही बड़े स्तर पर तबाही मचाई है। बाढ़ के कारण कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है और लोगों के सामने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की चुनौती खड़ी हो गई है। इसी बीच बैरियर झील के टूटने की खबर ने खतरे को और बढ़ा दिया है। ऐसी स्थिति में अचानक बड़ी मात्रा में पानी नीचे की ओर आने की आशंका रहती है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
नेपाल में बने इन गंभीर हालात के बीच भारत सरकार लगातार घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राहत और बचाव कार्यों को लेकर संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने नेपाल में भारतीय नागरिकों की स्थिति और उनकी सुरक्षा के बारे में भी ताजा जानकारी हासिल की। भारत की ओर से यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि संकट की इस घड़ी में नेपाल में मौजूद भारतीय नागरिकों तक हर संभव मदद पहुंचाई जा सके।
जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट के जरिए बताया कि उन्होंने नेपाल में चल रहे राहत और बचाव कार्यों पर चर्चा की है। उन्होंने कहा कि काठमांडू और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावासों ने भारतीय नागरिकों की स्थिति और उनकी खैरियत के बारे में ताजा जानकारी दी है। इससे साफ है कि भारत सिर्फ नेपाल में आपदा की स्थिति पर ही नजर नहीं रख रहा, बल्कि वहां मौजूद अपने नागरिकों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दे रहा है।
विदेश मंत्री के मुताबिक, विदेश मंत्रालय के संबंधित विभागों ने नेपाल भेजी जाने वाली अतिरिक्त राहत सामग्री के बारे में भी जानकारी दी है। इसका मतलब है कि भारत नेपाल की मौजूदा आपदा स्थिति को देखते हुए राहत सहायता बढ़ाने की तैयारी में है। जरूरत के अनुसार अतिरिक्त राहत सामग्री नेपाल भेजी जा सकती है, ताकि बाढ़ प्रभावित लोगों तक जरूरी सहायता पहुंचाई जा सके।
जयशंकर ने साफ तौर पर कहा कि भारत इस मुद्दे को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दे रहा है। भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से करीबी संबंध रहे हैं और प्राकृतिक आपदा जैसी परिस्थितियों में दोनों देशों के बीच सहयोग बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। नेपाल में अचानक आई बाढ़ और बैरियर झील टूटने से पैदा हुए खतरे को देखते हुए भारत की ओर से हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सबसे बड़ी चिंता उन इलाकों को लेकर है जहां अचानक बढ़े जलस्तर का असर पड़ सकता है। बैरियर झील टूटने के बाद पानी के तेज बहाव से निचले क्षेत्रों में खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और बचाव दलों के सामने लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की चुनौती बनी हुई है। राहत और बचाव अभियान के दौरान मौसम और भौगोलिक परिस्थितियां भी बड़ी भूमिका निभा रही हैं।
भारत की ओर से नेपाल को दी जाने वाली अतिरिक्त राहत सामग्री की तैयारी भी इसी व्यापक सहायता अभियान का हिस्सा है। विदेश मंत्रालय संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर स्थिति का आकलन कर रहा है और जरूरत के मुताबिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है। वहीं भारतीय दूतावास भी नेपाल में मौजूद भारतीय नागरिकों से संबंधित जानकारी लगातार जुटा रहे हैं।
फिलहाल नेपाल में बाढ़ और बैरियर झील टूटने के बाद बने हालात पर भारत और नेपाल दोनों की नजर बनी हुई है। आने वाले समय में जलस्तर और राहत-बचाव अभियान की स्थिति महत्वपूर्ण होगी। ऐसे में विदेश मंत्री एस. जयशंकर की समीक्षा से यह संकेत मिलता है कि भारत नेपाल में पैदा हुए इस संकट को गंभीरता से ले रहा है और राहत, बचाव तथा भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ देख रहा है।


