उत्तर प्रदेश के देवरिया में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रदेश का विकास इस बात पर निर्भर करता है कि वहां की जनता किस तरह के जनप्रतिनिधियों और सरकार का चुनाव करती है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में न विकास था, न सुरक्षा और न ही लोगों को सम्मान मिल रहा था। उन्होंने पिछली सरकारों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उस समय रोजगार के अवसरों से लेकर गरीबों के लिए आवास और शौचालय तक की व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं थीं।
सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब थी। उन्होंने खास तौर पर देवरिया, महराजगंज, गोरखपुर और बस्ती मंडल का जिक्र करते हुए कहा कि 15 जुलाई से 15 नवंबर तक भय और दहशत का माहौल बना रहता था। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों की संवेदना आम जनता के प्रति खत्म हो चुकी थी और लोगों को मूलभूत सुविधाओं तथा सुरक्षा के लिए परेशान होना पड़ता था।
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास परियोजनाओं को लेकर भी समाजवादी पार्टी पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर यानी JPNIC का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि जिस परियोजना की शुरुआती लागत करीब 200 करोड़ रुपये बताई गई थी, उस पर 864 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद काम पूरा नहीं हो पाया। मुख्यमंत्री ने इस आंकड़े के जरिए पिछली सरकार की कार्यप्रणाली और सरकारी धन के इस्तेमाल पर सवाल उठाए।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनता के पैसे का इस्तेमाल किस तरह किया गया, इसका जवाब पिछली सरकार को देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में योजनाएं बनती थीं, लेकिन उनका लाभ आम लोगों तक पहुंचाने की गंभीरता नहीं दिखाई जाती थी। मुख्यमंत्री ने मौजूदा सरकार की तुलना करते हुए कहा कि आज उत्तर प्रदेश में विकास, सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता दी जा रही है और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छी सरकार तभी बनती है, जब जनता अच्छे जनप्रतिनिधियों को चुनती है। उन्होंने लोगों से विकास और सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार के कामकाज का मूल्यांकन करने की अपील की। योगी ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में कानून-व्यवस्था की स्थिति में बड़ा बदलाव आया है और अब प्रदेश की पहचान विकास और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए भी हो रही है।
देवरिया में दिए गए इस बयान के बाद एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राजनीति में सपा और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज होने की संभावना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार पिछली सरकारों के कार्यकाल को निशाने पर लेते रहे हैं, जबकि विपक्ष सरकार के दावों और नीतियों पर सवाल उठाता रहा है। JPNIC का मुद्दा भी इसी राजनीतिक बहस का हिस्सा बनता दिखाई दे रहा है।
फिलहाल देवरिया में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान ने उत्तर प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है। 200 करोड़ की शुरुआती लागत वाली परियोजना पर 864 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी काम अधूरा रहने का दावा राजनीतिक चर्चा का बड़ा मुद्दा बन गया है। मुख्यमंत्री ने इस मामले को पिछली सरकार की कार्यशैली से जोड़ते हुए सपा पर हमला बोला और कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में विकास, सुरक्षा और सम्मान की स्थिति बेहद खराब थी।


