एशियाई खेलों को लेकर भारतीय एथलेटिक्स महासंघ ने बड़ा ऐलान किया है। जापान के आइची-नागोया में होने वाले आगामी एशियाई खेलों के लिए भारत की 77 सदस्यीय ट्रैक एंड फील्ड टीम घोषित कर दी गई है। इस टीम में 34 पुरुष और 43 महिला एथलीट शामिल हैं। टीम में सबसे बड़ा बदलाव स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा के चोट के कारण बाहर होने के बाद किया गया है। उनकी जगह राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीत चुके भाला फेंक एथलीट यशवीर सिंह को टीम में शामिल किया गया है।
भारतीय एथलेटिक्स महासंघ यानी AFI ने लुधियाना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस टीम की घोषणा की। एशियाई खेलों का आयोजन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आइची-नागोया में होना है। भारत को इस बार एथलेटिक्स से बड़ी उम्मीदें हैं, लेकिन नीरज चोपड़ा की गैरमौजूदगी टीम के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है। नीरज चोट के कारण इस प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले पाएंगे, जिसके बाद उनकी जगह यशवीर सिंह को मौका मिला है।
यशवीर सिंह के लिए यह बड़ा अवसर है। राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीत चुके यशवीर अब एशियाई खेलों जैसे बड़े मंच पर भारत के लिए पदक की उम्मीद बनकर उतरेंगे। नीरज की अनुपस्थिति में जैवलिन थ्रो में भारत की जिम्मेदारी काफी हद तक यशवीर के प्रदर्शन पर रहेगी। AFI अध्यक्ष बहादुर सिंह सग्गू ने भी साफ किया कि नीरज के चोटिल होने के कारण टीम में बदलाव करना पड़ा और उनकी जगह यशवीर को शामिल किया गया है।
वहीं लंबी दूरी के धावक अभिषेक पाल को टीम से बाहर कर दिया गया है। उन्हें राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी यानी NADA की ओर से नोटिस दिए जाने के बाद यह फैसला लिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, उनके डोपिंग नमूने में महिलाओं की प्रजनन क्षमता बढ़ाने वाली दवा से संबंधित पदार्थ पाया गया था। हालांकि AFI के योजना विभाग के प्रमुख ललित भनोट ने स्पष्ट किया कि इसे फिलहाल पॉजिटिव डोपिंग टेस्ट का मामला नहीं माना जा रहा है और NADA इसकी जांच कर रही है। इसके बावजूद महासंघ ने कोई जोखिम नहीं लेने का फैसला किया और अभिषेक को टीम से बाहर कर दिया।
पुरुषों की 110 मीटर बाधा दौड़ के एथलीट तेजस शिरसे भी इस बार टीम का हिस्सा नहीं होंगे। हाल ही में ग्लास्गो में हुए राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान उन्हें चोट लगी थी। शिरसे पहले ही अपनी चोट के कारण एशियाई खेलों से बाहर रहने की बात कह चुके थे। इस तरह पहले घोषित 73 सदस्यीय टीम में से अभिषेक पाल और तेजस शिरसे बाहर हुए, जबकि छह नए एथलीटों को जोड़ा गया।
इन छह खिलाड़ियों में 200 मीटर की धाविका हरिता भद्रा, 400 मीटर की किरण पहल, पोल वॉल्ट की सिंधुश्री जी, त्रिकूद की आशा इलंगो, डिस्कस थ्रो की सान्या यादव और हैमर थ्रोअर प्रवीण कुमार शामिल हैं। भारतीय ओलंपिक संघ के अनुरोध पर एशियाई खेलों के आयोजकों और एशियाई ओलंपिक परिषद ने इन छह खिलाड़ियों के नामों को मंजूरी दी है।
टीम में कुछ ऐसे खिलाड़ी भी हैं जिनसे कई स्पर्धाओं में पदक की उम्मीद है। गुलवीर सिंह तीन स्पर्धाओं में हिस्सा लेंगे। वह 10 हजार मीटर, 5000 मीटर और 1500 मीटर में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। वहीं पारुल चौधरी 3000 मीटर स्टीपलचेज, 5000 मीटर और 1500 मीटर में उतरेंगी। दोनों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
अविनाश साबले भी भारतीय एथलेटिक्स टीम के अहम खिलाड़ियों में शामिल हैं। 2023 के हांगझोऊ एशियाई खेलों में उन्होंने 3000 मीटर स्टीपलचेज में स्वर्ण और 5000 मीटर में रजत पदक जीता था। इस बार उनकी 3000 मीटर स्टीपलचेज में भागीदारी तय है। AFI ने उन्हें 5000 मीटर में भी उतारने की अनुमति मांगी है। इसके लिए उन्हें 10 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाली प्रतियोगिता में निर्धारित क्वालीफाइंग मार्क हासिल करना होगा।
भारतीय एथलेटिक्स टीम का लक्ष्य पिछली बार के प्रदर्शन को दोहराने या उससे बेहतर करने का है। पिछले एशियाई खेलों में भारतीय ट्रैक एंड फील्ड खिलाड़ियों ने कुल 29 पदक जीते थे, जिनमें छह स्वर्ण, 14 रजत और नौ कांस्य पदक शामिल थे। इस बार AFI ने करीब 25 से 30 पदक जीतने का लक्ष्य रखा है। हालांकि महासंघ का कहना है कि किसी भी प्रतियोगिता में पदकों की सटीक संख्या का अनुमान लगाना मुश्किल होता है, क्योंकि आखिरकार उस दिन का प्रदर्शन ही सबसे ज्यादा मायने रखता है।
भारतीय एथलेटिक्स टीम 12 सितंबर को जापान के लिए रवाना होगी। एशियाई खेलों से पहले खिलाड़ी टोक्यो के पास त्सुकुबा विश्वविद्यालय में एक छोटे अनुकूलन शिविर में हिस्सा लेंगे। इसके बाद टीम 21 सितंबर को आइची-नागोया में अपने निर्धारित होटलों में पहुंचेगी। यानी एथलेटिक्स प्रतियोगिताएं शुरू होने से करीब दो दिन पहले भारतीय खिलाड़ी मुख्य आयोजन स्थल पर पहुंचेंगे।
कुल मिलाकर, नीरज चोपड़ा की गैरमौजूदगी के बावजूद भारत की एथलेटिक्स टीम काफी मजबूत नजर आ रही है। यशवीर सिंह को मिला मौका उनके लिए खुद को साबित करने का बड़ा अवसर है, जबकि गुलवीर सिंह, पारुल चौधरी और अविनाश साबले जैसे खिलाड़ियों पर भी नजर रहेगी। अब देखना होगा कि जापान में भारतीय एथलीट पिछली बार के 29 पदकों के आंकड़े को पार कर पाते हैं या नहीं।


