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सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में बड़ा एक्शन! मालिक के बाद बेटा और पत्नी भी गिरफ्तार, 3 आरोपी हिरासत में

दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। हादसे के बाद बिल्डिंग मालिक हरिराम गुप्ता, उनकी पत्नी उर्मिला गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है। तीनों को भिवाड़ी से पकड़ा गया और इसके बाद दिल्ली लाया गया। पुलिस अब तीनों से पूछताछ कर हादसे के पीछे की पूरी वजह और जिम्मेदारी तय करने में जुटी है।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोगों में 81 वर्षीय हरिराम गुप्ता, उनकी 75 वर्षीय पत्नी उर्मिला गुप्ता और 52 वर्षीय बेटे महेश गुप्ता शामिल हैं। जांच के दौरान सामने आया कि जिस प्रॉपर्टी में यह हादसा हुआ, वह उर्मिला गुप्ता के नाम पर दर्ज है। हालांकि, पुलिस की जांच में यह भी पता चला कि प्रॉपर्टी का प्रबंधन और संचालन उनके पति हरिराम गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता कर रहे थे।

जांच में बिजली कनेक्शन से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, हरिराम गुप्ता के नाम पर बिल्डिंग की दो मंजिलों के बिजली कनेक्शन थे। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बिल्डिंग में सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं और हादसे से पहले वहां किसी तरह की लापरवाही हुई थी या नहीं।

हरिराम गुप्ता के बारे में पुलिस जांच में यह जानकारी भी सामने आई है कि वह इंडियन एयरफोर्स से रिटायर्ड सार्जेंट हैं। वहीं उनके बेटे महेश गुप्ता हार्डवेयर और पेंट की दुकान चलाते हैं। महेश के दो बच्चे हैं। पुलिस अब परिवार से जुड़े लोगों के साथ-साथ बिल्डिंग के निर्माण, इस्तेमाल और रखरखाव से संबंधित पहलुओं की भी जांच कर रही है।

हादसे के बाद घटनास्थल पर करीब 27 घंटे तक राहत और बचाव अभियान चलाया गया। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए बचाव दलों ने लगातार काम किया। अभियान पूरा होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए बिल्डिंग से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।

तीनों आरोपियों को भिवाड़ी से गिरफ्तार करने के बाद दिल्ली लाया गया। इसके बाद उन्हें दिल्ली पुलिस के आरके पुरम थाने ले जाया गया। पुलिस अब उनसे पूछताछ कर यह जानने की कोशिश कर रही है कि बिल्डिंग की स्थिति कैसी थी, वहां कौन-कौन लोग रह रहे या काम कर रहे थे और हादसे से पहले किसी तरह की चेतावनी या शिकायत सामने आई थी या नहीं।

सत्य निकेतन हादसे के बाद बिल्डिंग की सुरक्षा और निर्माण व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए हैं। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कहीं इमारत में अनधिकृत निर्माण, कमजोर ढांचा या नियमों की अनदेखी तो नहीं की गई थी। इसके साथ ही बिजली कनेक्शन और प्रॉपर्टी के संचालन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा सकती है।

फिलहाल तीनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान पूरा हो चुका है, लेकिन अब पुलिस के सामने इस बात का जवाब तलाशने की चुनौती है कि आखिर बिल्डिंग हादसे की वास्तविक वजह क्या थी और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

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