दिल्ली के सत्य निकेतन में 6 सितंबर को हुए बिल्डिंग हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम यानी MCD एक्शन मोड में आ गया है। हादसे के बाद इलाके में अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। MCD ने पिछले दो दिनों में करीब 1100 पीजी यानी पेइंग गेस्ट संपत्तियों का सर्वे किया है। इन पीजी में करीब 20,250 छात्र रहते हैं। सर्वे के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाली कई संपत्तियां प्रशासन के निशाने पर आई हैं।
सत्य निकेतन हादसे के बाद सबसे बड़ी चिंता छात्रों की सुरक्षा को लेकर है। बड़ी संख्या में छात्र पीजी और किराए की संपत्तियों में रहते हैं और ऐसे में किसी भी तरह के अवैध निर्माण या कमजोर ढांचे से बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए MCD ने इलाके में व्यापक स्तर पर जांच शुरू की है। अधिकारियों की टीमें अलग-अलग पीजी और इमारतों का निरीक्षण कर रही हैं और निर्माण से जुड़े दस्तावेजों के साथ-साथ सुरक्षा मानकों की भी जांच की जा रही है।
जांच के दौरान जहां नियमों का उल्लंघन पाया गया, वहां नगर निगम की ओर से कार्रवाई शुरू कर दी गई है। कई संपत्तियों के खिलाफ डिमोलिशन यानी अवैध निर्माण को गिराने की कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा सात इमारतों को सील कर दिया गया है। वहीं 35 संपत्तियों को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस के जरिए संबंधित संपत्ति मालिकों से निर्माण और नियमों से जुड़े दस्तावेजों तथा उल्लंघन के संबंध में जवाब मांगा गया है।
MCD की इस कार्रवाई का मुख्य फोकस अवैध निर्माण और भवन नियमों के उल्लंघन पर है। प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि किन इमारतों में बिना अनुमति निर्माण कराया गया है और कहां निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया। खासतौर पर उन इमारतों की जांच की जा रही है जहां बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं।
सत्य निकेतन दिल्ली का एक प्रमुख छात्र और पीजी इलाका है। यहां बड़ी संख्या में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए छात्र रहते हैं। इलाके में कई मकानों को पीजी के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में एक इमारत में बड़ी संख्या में लोगों के रहने की वजह से सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी हो जाता है।
हादसे के बाद MCD की ओर से किए जा रहे सर्वे को इसी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। करीब 1100 पीजी का सर्वे पूरा होना यह बताता है कि प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। इन संपत्तियों में रहने वाले करीब 20,250 छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आगे भी कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।
प्रशासन की कार्रवाई में सीलिंग और डिमोलिशन के साथ नोटिस जारी करने का सिलसिला भी चल रहा है। जिन संपत्तियों में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। वहीं जिन मामलों में दस्तावेज या नियमों से जुड़ी स्थिति स्पष्ट नहीं है, वहां संबंधित मालिकों को नोटिस देकर जवाब मांगा जा रहा है।
सत्य निकेतन हादसे ने दिल्ली में पीजी और किराए की इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। अब MCD की कार्रवाई के बाद उम्मीद है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले भवन मालिकों पर शिकंजा कसेगा और छात्रों के रहने वाली इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होगी।
फिलहाल MCD का सर्वे और कार्रवाई जारी है। सात इमारतों को सील करने, 35 संपत्तियों को नोटिस देने और अवैध निर्माण को गिराने की कार्रवाई से साफ है कि सत्य निकेतन हादसे के बाद नगर निगम ने इलाके में नियमों के पालन को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। आने वाले दिनों में सर्वे के दौरान सामने आने वाली अन्य अनियमितताओं पर भी कार्रवाई की जा सकती है।


