आजकल वजन को नियंत्रित रखने और पाचन को बेहतर बनाने के लिए लोग अपनी डाइट में हेल्दी और पौष्टिक अनाज शामिल कर रहे हैं। क्विनोआ और ब्राउन राइस भी ऐसे ही लोकप्रिय विकल्प हैं। दोनों में फाइबर और दूसरे जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, लेकिन अगर फाइबर और प्रोटीन की तुलना की जाए तो क्विनोआ कई मामलों में ब्राउन राइस से आगे निकलता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि ब्राउन राइस कम पौष्टिक है। दोनों के अपने-अपने फायदे हैं।
अगर 100 ग्राम पके हुए अनाज की बात करें तो क्विनोआ में करीब 2.8 ग्राम फाइबर पाया जाता है, जबकि इतनी ही मात्रा में ब्राउन राइस लगभग 1.6 से 1.8 ग्राम फाइबर देता है। यानी समान मात्रा में सेवन करने पर क्विनोआ में ब्राउन राइस की तुलना में करीब 50 से 75 प्रतिशत तक अधिक फाइबर मिल सकता है।
फाइबर शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है। यह पाचन तंत्र को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराने में सहायक हो सकता है। इससे बार-बार खाने की इच्छा कम हो सकती है और वजन को मैनेज करने में मदद मिल सकती है। पर्याप्त फाइबर वाला आहार समग्र स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद माना जाता है।
फाइबर के मामले में बढ़त के साथ-साथ क्विनोआ प्रोटीन के मामले में भी आगे है। 100 ग्राम पके हुए क्विनोआ में करीब 4.4 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है, जबकि इतनी ही मात्रा में ब्राउन राइस में लगभग 2.3 से 2.7 ग्राम प्रोटीन हो सकता है। यानी क्विनोआ से समान मात्रा में अपेक्षाकृत अधिक प्रोटीन मिलता है।
क्विनोआ की एक खासियत यह भी है कि इसे आमतौर पर कम्प्लीट प्रोटीन का स्रोत माना जाता है। इसमें शरीर के लिए जरूरी सभी 9 एसेंशियल अमीनो एसिड मौजूद होते हैं। वहीं ब्राउन राइस भी पौष्टिक होल-ग्रेन है, लेकिन इसके प्रोटीन में कुछ आवश्यक अमीनो एसिड अपेक्षाकृत कम मात्रा में पाए जाते हैं।
माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की बात करें तो क्विनोआ में मैग्नीशियम, आयरन और फोलेट जैसे पोषक तत्व भी अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। इसलिए अगर कोई व्यक्ति अपनी डाइट में अधिक प्रोटीन, फाइबर और अलग-अलग पोषक तत्व शामिल करना चाहता है, तो क्विनोआ एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
लंबे समय तक पेट भरा रखने के लिहाज से भी क्विनोआ को फायदा मिल सकता है, क्योंकि इसमें प्रोटीन और फाइबर दोनों की मात्रा अच्छी होती है। हालांकि, तृप्ति केवल अनाज पर निर्भर नहीं करती। आपकी पूरी प्लेट में दाल, सब्जियां, प्रोटीन के दूसरे स्रोत और हेल्दी फैट्स किस मात्रा में शामिल हैं, इसका भी काफी महत्व होता है।
अब सवाल आता है कि आखिर अपनी थाली में क्विनोआ रखें या ब्राउन राइस? अगर आपका लक्ष्य प्रति सर्विंग ज्यादा फाइबर और प्रोटीन लेना है और आप प्लांट बेस्ड कम्प्लीट प्रोटीन का विकल्प चाहते हैं, तो क्विनोआ बेहतर चुनाव हो सकता है। यह उन लोगों के लिए भी अच्छा विकल्प है जो अपनी डाइट में अलग-अलग पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करना चाहते हैं।
वहीं अगर आप रोजमर्रा के भारतीय खाने के साथ आसानी से इस्तेमाल होने वाला, बजट फ्रेंडली और किफायती विकल्प चाहते हैं, तो ब्राउन राइस भी शानदार है। इसे दाल, सब्जी और करी के साथ आसानी से खाया जा सकता है और यह होल-ग्रेन कार्बोहाइड्रेट का अच्छा स्रोत है।
कुल मिलाकर, फाइबर और प्रोटीन की मात्रा के आधार पर क्विनोआ को बढ़त मिलती है, लेकिन ब्राउन राइस को डाइट से बाहर करने की जरूरत नहीं है। दोनों को अपनी जरूरत, बजट, स्वाद और पूरे आहार के हिसाब से शामिल किया जा सकता है। सबसे जरूरी बात यह है कि केवल किसी एक “सुपरफूड” पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित और विविध डाइट को प्राथमिकता दी जाए।

