12 और 13 सितंबर को राजधानी में होने वाले 18वें BRICS Summit में इस बार सिर्फ वैश्विक मुद्दों और कूटनीतिक चर्चाओं की ही चर्चा नहीं होगी, बल्कि दुनिया के सामने भारत की विविधता और स्थानीय संस्कृति की झलक भी पेश की जाएगी। BRICS समिट के लिए भारत और दुनियाभर से बड़ी संख्या में पत्रकार राजधानी पहुंच रहे हैं। इन्हें दी गई मीडिया किट में भारत की अलग-अलग परंपराओं, स्थानीय उत्पादों और कारीगरों की कला को खास जगह दी गई है।
विदेश मंत्रालय यानी MEA की इस पहल के जरिए अंतरराष्ट्रीय मीडिया के सामने भारत की एक अलग तस्वीर पेश करने की कोशिश की गई है। मीडिया किट में सिर्फ समिट से जुड़ी जरूरी जानकारियां शामिल नहीं हैं, बल्कि देश के अलग-अलग राज्यों की पहचान से जुड़े उत्पाद भी रखे गए हैं। इसका मकसद भारत की संस्कृति, खान-पान और स्थानीय हुनर को वैश्विक मंच से जोड़ना है।
इस खास पहल में बिहार का पारंपरिक सत्तू भी शामिल है। बिहार के खान-पान और ग्रामीण जीवन से गहराई से जुड़ा सत्तू देश की पारंपरिक खाद्य संस्कृति का अहम हिस्सा है। मीडिया किट में इसे शामिल करके बिहार की स्थानीय पहचान को अंतरराष्ट्रीय मेहमानों और पत्रकारों तक पहुंचाने की कोशिश की गई है।
वहीं, ओडिशा के कोरापुट की पहाड़ियों में उगाई जाने वाली कॉफी भी इस मीडिया किट का हिस्सा है। कोरापुट की कॉफी अपनी विशिष्ट भौगोलिक पहचान और स्थानीय उत्पादन के लिए जानी जाती है। इसके जरिए ओडिशा के एक ऐसे क्षेत्र की झलक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों तक पहुंच रही है, जो अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और कृषि उत्पादों के लिए खास पहचान रखता है।
इसी तरह गुजरात की बेहतरीन हस्तकलाओं को भी इस पहल में जगह मिली है। गुजरात के कारीगरों की पारंपरिक कला और शिल्प भारत की समृद्ध हस्तकला परंपरा का प्रतिनिधित्व करते हैं। मीडिया किट के जरिए इन उत्पादों को केवल स्मृति-चिह्न के तौर पर नहीं, बल्कि भारत के सांस्कृतिक और आर्थिक विविधता के प्रतीक के रूप में भी देखा जा सकता है।
BRICS समिट में दुनियाभर के देशों की नजर भारत पर होगी। ऐसे में विदेश मंत्रालय की यह पहल कूटनीति के साथ-साथ सांस्कृतिक संवाद को भी बढ़ावा देने वाली मानी जा रही है। अलग-अलग राज्यों के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मीडिया के सामने पेश करने से भारत के स्थानीय ब्रांड, कारीगर और पारंपरिक उत्पाद वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित कर सकते हैं।
भारत की खासियत उसकी विविधता में है और इस मीडिया किट में उसी विविधता को एक छोटे से पैकेज में समेटने की कोशिश दिखाई देती है। बिहार का सत्तू, ओडिशा की कोरापुट कॉफी और गुजरात की हस्तकला—ये तीनों मिलकर देश के अलग-अलग हिस्सों की अपनी विशिष्ट पहचान को सामने रखते हैं।
12-13 सितंबर को होने वाले BRICS Summit के दौरान जहां वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी, वहीं भारत की यह छोटी लेकिन खास पहल दुनिया को देश की दूसरी तस्वीर भी दिखाएगी। यानी BRICS के मंच पर कूटनीति के साथ-साथ भारत की “India Story” भी नजर आएगी।


