उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक बेहद दुखद और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। गंगा बैराज घाट पर शुक्रवार को 46 वर्षीय जितेंद्र के नदी में छलांग लगाने की घटना से हड़कंप मच गया। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें जितेंद्र गंगा किनारे अकेले टहलते हुए नजर आ रहे हैं। कुछ देर बाद वह रेलिंग के पास पहुंचते हैं और अचानक उस पर चढ़कर गंगा नदी में छलांग लगा देते हैं।
सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि जितेंद्र काफी देर तक गंगा बैराज के आसपास अकेले घूमते रहे। उनके आसपास कुछ लोग भी नजर आते हैं, लेकिन वह किसी से बातचीत करते हुए दिखाई नहीं देते। इसके बाद वह धीरे-धीरे रेलिंग की तरफ बढ़ते हैं। कुछ पल वहां रुकने के बाद वह रेलिंग पर चढ़ते हैं और देखते ही देखते गंगा की तेज धारा में छलांग लगा देते हैं।
घटना के सामने आने के बाद घाट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और नदी में तलाश शुरू कराई गई। जितेंद्र का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोर लगातार नदी में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।
बताया जा रहा है कि जितेंद्र लंबे समय से एक बीमारी से परेशान थे। इसी वजह से आशंका जताई जा रही है कि मानसिक और शारीरिक परेशानी के चलते उन्होंने यह कदम उठाया हो सकता है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि आखिर उन्होंने गंगा में छलांग लगाने जैसा खौफनाक कदम क्यों उठाया। पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।
परिवार के लिए यह घटना किसी सदमे से कम नहीं है। 46 साल की उम्र में जितेंद्र का इस तरह अचानक लापता हो जाना परिवार के लिए बेहद मुश्किल स्थिति है। परिजन लगातार उनके सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं। वहीं पुलिस और बचाव दल नदी के अलग-अलग हिस्सों में उनकी तलाश कर रहे हैं।
गंगा बैराज का इलाका नदी की तेज धार और गहराई के कारण चुनौतीपूर्ण माना जाता है। ऐसे में गोताखोरों और एसडीआरएफ की टीम को तलाशी अभियान में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। टीम नदी के किनारे और संभावित बहाव वाले इलाकों में भी खोजबीन कर रही है।
इस घटना का सीसीटीवी फुटेज अब पूरे मामले में अहम कड़ी बन गया है। फुटेज में जितेंद्र के घाट पर पहुंचने से लेकर नदी में छलांग लगाने तक की पूरी घटना रिकॉर्ड हुई है। इससे पुलिस को घटना के क्रम को समझने में मदद मिल रही है। हालांकि फुटेज में उनके छलांग लगाने की वजह स्पष्ट नहीं होती।
फिलहाल पुलिस जितेंद्र के नदी से बाहर निकलने या बहाव के साथ किसी दूसरे स्थान तक पहुंचने की संभावना को देखते हुए भी आसपास के इलाकों में तलाश कर रही है। स्थानीय लोगों और संभावित प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे जितेंद्र ने परेशान होकर यह कदम उठाया या इसके पीछे कोई और वजह थी। इसका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल परिवार और बचाव दल उनकी तलाश में जुटे हैं और सभी की नजरें सर्च ऑपरेशन के नतीजे पर टिकी हैं।


