स्पेनिश ग्रां प्री का नया मैड्रिंग सर्किट फॉर्मूला वन के फैंस को एक ऐसा मुकाबला देखने को मिला, जिसमें रेस के नतीजे ने खुद पोडियम पर खड़े ड्राइवरों को भी पूरी तरह संतुष्ट नहीं किया। किमी एंटोनेली ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत अपने नाम की, मैक्स वेरस्टैपेन दूसरे स्थान पर रहे और पोल पोजीशन से शुरुआत करने वाले लैंडो नॉरिस को तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। सबसे दिलचस्प बात यह रही कि जीतने वाले एंटोनेली ने खुद माना कि नॉरिस इस जीत के असली हकदार थे।
शनिवार को क्वालिफाइंग में शानदार प्रदर्शन करते हुए लैंडो नॉरिस ने पोल पोजीशन हासिल की थी। रविवार की रेस में भी उनकी शुरुआत बेहद मजबूत रही। पहले ही लैप में नॉरिस ने एंटोनेली को दो बार पीछे रखा और इसके बाद उन्होंने लगातार अपनी बढ़त बढ़ाई। अगले 12 लैप में नॉरिस ने करीब छह सेकंड की बढ़त बना ली थी। उस समय ऐसा लग रहा था कि मैकलारेन का यह ड्राइवर आसानी से रेस जीतने की ओर बढ़ रहा है।
लेकिन 14वें लैप के अंत में अचानक पूरा खेल बदल गया। लांस स्ट्रोल की एस्टन मार्टिन कार टर्न 20 के बाहर दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसके बाद रेस कंट्रोल ने वर्चुअल सेफ्टी कार लागू कर दी। नॉरिस उस समय पिट में जाने वाले हिस्से से आगे निकल चुके थे, जबकि एंटोनेली और मैक्स वेरस्टैपेन ने इसी मौके का फायदा उठाते हुए कम समय गंवाकर अपने टायर बदल लिए।
नॉरिस भी पिट में गए, लेकिन तब तक वर्चुअल सेफ्टी कार खत्म हो चुकी थी और रेस सामान्य गति से चलने लगी थी। उनकी टायर बदलने की प्रक्रिया में भी करीब सात सेकंड लगे। जब नॉरिस वापस ट्रैक पर आए तो वह पांचवें स्थान पर पहुंच चुके थे और एंटोनेली से करीब 16 सेकंड पीछे थे। मैड्रिंग सर्किट पर ओवरटेक करना आसान नहीं था, इसलिए इतनी बड़ी दूरी को पाटना नॉरिस के लिए बेहद मुश्किल साबित हुआ।
नॉरिस ने अंत में तीसरे स्थान पर रेस खत्म की, लेकिन उनकी निराशा रेडियो संदेशों में साफ सुनाई दी। उनका मानना था कि उनकी कार उस दिन सबसे तेज थी और टीम जीत की हकदार थी। मैकलारेन के प्रमुख आंद्रेआ स्टेला ने भी इस घटनाक्रम को टीम के लिए असाधारण बदकिस्मती बताया।
स्टेला के मुताबिक टीम के सामने उस समय कठिन रणनीतिक फैसला था। अगर नॉरिस को सामान्य परिस्थितियों में पिट में बुलाया जाता तो करीब 27 सेकंड का नुकसान हो सकता था। ऐसे में सिर्फ इस अनुमान पर रणनीति बदलना कि अगले ही पल वर्चुअल सेफ्टी कार आ सकती है, काफी बड़ा जोखिम होता। हालांकि बाद में उन्होंने माना कि टीम अगर 14वें लैप के अंत में VSC की संभावना भांप लेती और नॉरिस को पहले ही पिट में बुला लेती तो नतीजा अलग हो सकता था।
नॉरिस ने इस घटना के बाद वर्चुअल सेफ्टी कार के नियमों में बदलाव की जरूरत भी बताई। उनका कहना था कि VSC कम से कम एक पूरे लैप तक रहनी चाहिए, ताकि सभी ड्राइवरों को समान परिस्थितियों में प्रतिक्रिया देने का मौका मिले। उनके अनुसार इस घटना में ट्रैक पर उनकी स्थिति और VSC के समय के कारण उन्हें करीब 20 सेकंड का नुकसान हुआ।
मैक्स वेरस्टैपेन की रेस भी पूरी तरह आसान नहीं रही। रेड बुल की कार रफ्तार के मामले में मैकलारेन और मर्सिडीज से पीछे दिखाई दे रही थी, लेकिन शुरुआती लैप में वेरस्टैपेन नॉरिस के काफी करीब पहुंच गए थे। पहले मोड़ पर लुईस हैमिल्टन से तीसरे स्थान के लिए बचाव करते हुए वेरस्टैपेन ट्रैक से बाहर चले गए। रेस अधिकारियों ने उन्हें हासिल किया हुआ स्थान वापस करने का निर्देश दिया।
इसी दौरान एंटोनेली ने नॉरिस को पार करने की कोशिश की और घटनाक्रम का फायदा उठाकर वेरस्टैपेन आगे निकल गए। बाद में हैमिल्टन ब्रेक की समस्या के कारण रेस से बाहर हो गए और वेरस्टैपेन ने दूसरा स्थान हासिल कर लिया। यह सात रेस में उनका पांचवां पोडियम रहा।
रेस के बाद चर्चा सिर्फ नतीजे की नहीं, बल्कि नए मैड्रिंग सर्किट की डिजाइन को लेकर भी हुई। ड्राइवरों ने माना कि इस ट्रैक पर आगे निकलने के मौके काफी सीमित हैं। टर्न 1 और टर्न 5 को संभावित ओवरटेकिंग जोन माना गया था, लेकिन रेस के दौरान यहां भी मुकाबला उम्मीद के मुताबिक देखने को नहीं मिला।
किमी एंटोनेली ने भी माना कि एक लैप में सर्किट काफी अच्छा महसूस होता है, लेकिन रेस के दौरान कारें एक-दूसरे के पीछे फंस जाती हैं। नॉरिस ने सुझाव दिया कि ट्रैक के कुछ हिस्सों में बदलाव करके ओवरटेकिंग को बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने टर्न 18 और 19 को हटाकर लंबा सीधा हिस्सा और उसके बाद बड़ा हेयरपिन बनाने का सुझाव दिया।
इस तरह स्पेनिश ग्रां प्री में एंटोनेली ने जीत जरूर हासिल की, लेकिन रेस की कहानी जीत से कहीं ज्यादा बड़ी रही। नॉरिस की रणनीतिक बदकिस्मती, वेरस्टैपेन की शुरुआती उलझन, VSC का विवाद और नए सर्किट पर ओवरटेकिंग की कमी ने मैड्रिंग की पहली रेस को यादगार बना दिया।


