जापान के नागोया से खेल जगत की बड़ी खबर! 20वें एशियाई खेलों का रंगारंग उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया है, और इस बार भारतीय दल की अगुवाई की जिम्मेदारी मिली है ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर और कबड्डी स्टार पवन सहरावत को। 501 भारतीय खिलाड़ियों के साथ भारत पदकों की नई कहानी लिखने के इरादे से मैदान में उतर चुका है। लेकिन क्या भारत अपने पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ पाएगा? और किन खेलों में भारतीय खिलाड़ियों से पदक की उम्मीदें हैं?
जापान के नागोया स्थित मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में शनिवार, 19 सितंबर को 20वें एशियाई खेलों का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। करीब दो घंटे चले इस समारोह में जापान के सम्राट नारुहितो ने खेलों के शुरू होने की घोषणा की। इस दौरान महारानी मासाको, शाही परिवार के सदस्य, एशियाई ओलंपिक परिषद के अध्यक्ष शेख जोआन बिन हमद अल थानी और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति की अध्यक्ष कर्स्टी कोवेंट्री भी मौजूद रहीं।
समारोह की शुरुआत जापान के राष्ट्रगान और राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ हुई। इसके बाद खिलाड़ियों की परेड आयोजित की गई, जिसमें 45 देशों और एशियाई ओलंपिक परिषद की शरणार्थी टीम समेत कुल 46 दलों ने हिस्सा लिया। परेड की शुरुआत अफगानिस्तान के दल से हुई, जबकि चीन अपने 800 से अधिक खिलाड़ियों के बड़े दल के साथ आकर्षण का केंद्र रहा।
भारत की ओर से दो बड़े खिलाड़ी ध्वजवाहक बने। पेरिस ओलंपिक 2024 की दो पदक विजेता निशानेबाज मनु भाकर और कबड्डी खिलाड़ी पवन सहरावत ने भारतीय दल का नेतृत्व किया। दोनों पारंपरिक गहरे नीले रंग की पोशाक में नजर आए। जानकारी के मुताबिक, गोला फेंक खिलाड़ी तजिंदरपाल सिंह तूर को समय पर समारोह की किट नहीं मिल पाने के कारण पवन सहरावत को ध्वजवाहक बनाया गया।
इस बार भारत का 501 सदस्यीय दल एशियाई खेलों में हिस्सा ले रहा है। भारतीय खिलाड़ियों की नजरें 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में किए गए प्रदर्शन को दोहराने पर हैं। उस प्रतियोगिता में भारत ने 28 स्वर्ण सहित कुल 106 पदक जीते थे और पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया था। अब देखना होगा कि नागोया में भारतीय खिलाड़ी अपने प्रदर्शन को किस स्तर तक ले जा पाते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि उद्घाटन समारोह से पहले ही कुछ प्रतियोगिताएं शुरू हो चुकी थीं। महिला क्रिकेट में हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने शुक्रवार को मेजबान जापान को आठ विकेट से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। इस जीत के बाद भारतीय टीम की नजरें अब आगे के मुकाबलों पर हैं।
इसके अलावा भारत टेगबॉल में भी पदक की दौड़ में शामिल है। यह खेल पहली बार एशियाई खेलों का हिस्सा बना है। हालांकि, भारतीय खिलाड़ी क्विम्सी डिसूजा महिला एकल के सेमीफाइनल में हार गईं और अब कांस्य पदक के लिए मुकाबला करेंगी।
19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक चलने वाले इन खेलों में करीब 11 हजार खिलाड़ियों के हिस्सा लेने की जानकारी दी गई है। खिलाड़ी 43 खेलों में 469 स्वर्ण पदकों के लिए मुकाबला करेंगे। नागोया का मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम उद्घाटन और समापन समारोहों की मेजबानी कर रहा है।
अब सबकी नजरें भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर टिकी हैं। क्या भारत 106 पदकों के पिछले रिकॉर्ड को दोहरा पाएगा? किन खेलों में भारतीय दल को सफलता मिलेगी? इन सवालों के जवाब आने वाले मुकाबलों में सामने आएंगे।


