24 सितंबर की तारीख भारतीय अंतरिक्ष इतिहास में बेहद खास है। वर्ष 2014 में इसी दिन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो ने अपने पहले ही प्रयास में मंगलयान को मंगल ग्रह की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर इतिहास रच दिया था। इस उपलब्धि के साथ भारत मंगल की कक्षा में अंतरिक्ष यान पहुंचाने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया। भारत से पहले अमेरिका, रूस और यूरोप की अंतरिक्ष एजेंसी इस उपलब्धि को हासिल कर चुकी थीं।
भारत के मंगल मिशन की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि यह देश का पहला मंगल अभियान था और पहली कोशिश में ही अंतरिक्ष यान को मंगल की कक्षा तक पहुंचाने में सफलता मिली। मंगलयान मिशन को मार्स ऑर्बिटर मिशन के नाम से भी जाना जाता है। इस मिशन के जरिए भारत ने न केवल अपनी अंतरिक्ष तकनीक का प्रदर्शन किया, बल्कि कम लागत में अंतरिक्ष अभियान पूरा करने की क्षमता भी दुनिया के सामने रखी।
मंगलयान को 5 नवंबर 2013 को प्रक्षेपित किया गया था। पृथ्वी की कक्षा से निकलने के बाद अंतरिक्ष यान ने लंबी अंतरिक्ष यात्रा पूरी की और 24 सितंबर 2014 को मंगल की कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश किया। इस सफलता के बाद भारत एशिया का पहला देश बना जिसने मंगल की कक्षा में अपना अंतरिक्ष यान सफलतापूर्वक स्थापित किया। चीन और जापान अपने शुरुआती मंगल अभियानों में इस उपलब्धि को हासिल नहीं कर पाए थे।
मंगलयान मिशन का उद्देश्य मंगल ग्रह के वातावरण, सतह और वहां मौजूद परिस्थितियों का अध्ययन करना था। अंतरिक्ष यान में कई वैज्ञानिक उपकरण लगाए गए थे, जिनकी मदद से मंगल से संबंधित महत्वपूर्ण आंकड़े जुटाए गए। इस मिशन ने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दिलाई।
24 सितंबर सिर्फ मंगलयान की ऐतिहासिक सफलता के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है। इस तारीख से भारत और दुनिया के इतिहास की कई अन्य महत्वपूर्ण घटनाएं भी जुड़ी हुई हैं। वर्ष 1861 में स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी महत्वपूर्ण हस्ती मैडम भीखाजी कामा का जन्म 24 सितंबर को हुआ था। उन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए विदेशों में भी सक्रिय भूमिका निभाई थी।
इतिहास में वर्ष 1726 में भी 24 सितंबर का दिन महत्वपूर्ण रहा। इस दिन ईस्ट इंडिया कंपनी को बंबई, कलकत्ता और मद्रास में नगर निगम तथा महापौर की अदालत स्थापित करने का अधिकार दिया गया था। वहीं 1971 में ब्रिटेन ने जासूसी के आरोप में रूस के 90 राजनयिकों को देश से निष्कासित किया था।
वर्ष 1983 में पाकिस्तान के क्रिकेटर शोएब मोहम्मद ने भारत के खिलाफ अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की। 1990 में पूर्वी जर्मनी वारसा संधि से बाहर हो गया। वर्ष 2004 में हैती में तूफान के बाद आई बाढ़ में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई।
भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम से जुड़ी एक और उपलब्धि भी 24 सितंबर से जुड़ी है। वर्ष 2009 में इसरो ने ओशनसैट-2 सहित सात उपग्रहों को सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित किया था। इसके अलावा वर्ष 2006 में पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने भारत के प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को वार्ता का निमंत्रण दिया था।
हाल के इतिहास में भी 24 सितंबर को कई घटनाएं दर्ज हुई हैं। वर्ष 2024 में श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने संसद भंग की थी। इस तरह 24 सितंबर की तारीख अंतरिक्ष विज्ञान, भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और अंतरराष्ट्रीय इतिहास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घटनाओं की गवाह रही है। लेकिन भारत के लिए इस तारीख की सबसे खास पहचान मंगलयान की ऐतिहासिक सफलता है, जिसने पहली कोशिश में ही देश को मंगल की कक्षा तक पहुंचने वाले चुनिंदा देशों की सूची में शामिल कर दिया था।


