आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोड़े की आत्महत्या के मामले में परीक्षा केंद्र से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद घटनाक्रम को लेकर नई जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि यह फुटेज उस दिन का है, जब साहिल परीक्षा देने के लिए परीक्षा केंद्र में मौजूद था। फुटेज में परीक्षा हॉल के भीतर की गतिविधियां और परीक्षा के दौरान हुई घटनाओं को देखा जा सकता है।
सामने आए फुटेज के अनुसार, साहिल परीक्षा हॉल में बैठकर परीक्षा दे रहा था। इसी दौरान वह मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता हुआ दिखाई देता है। कुछ समय बाद परीक्षा केंद्र में प्रोफेसर के पहुंचने की बात सामने आई है। इसके बाद परीक्षा हॉल में क्या-क्या हुआ, यह सीसीटीवी फुटेज की जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
इस मामले में परीक्षा केंद्र का यह फुटेज इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह घटना से ठीक पहले की परिस्थितियों को समझने में मदद कर सकता है। सीसीटीवी में दिखाई देने वाली गतिविधियों के आधार पर जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर सकती हैं कि परीक्षा के दौरान क्या हुआ था और साहिल के साथ उस समय कौन-कौन से लोग मौजूद थे।
साहिल वाकोड़े आईआईटी बॉम्बे के छात्र थे और उनकी आत्महत्या के बाद संस्थान में भी इस घटना को लेकर सवाल उठे थे। मामले की जांच के दौरान छात्र की पढ़ाई, परीक्षा और संस्थान से जुड़े घटनाक्रमों को भी देखा जा रहा है। ऐसे में परीक्षा केंद्र से सामने आया सीसीटीवी फुटेज जांच के लिए एक महत्वपूर्ण सामग्री हो सकता है।
हालांकि, केवल सीसीटीवी में किसी छात्र को मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए दिखाई देना अपने आप में घटना के कारण को साबित नहीं करता। फुटेज में दिखाई देने वाली घटनाओं का पूरा संदर्भ, परीक्षा केंद्र के नियम, संबंधित अधिकारियों के बयान और जांच में सामने आए अन्य साक्ष्यों को साथ रखकर ही पूरे घटनाक्रम को समझा जा सकता है।
फुटेज में प्रोफेसर के परीक्षा हॉल में पहुंचने के बाद की गतिविधियां भी जांच का हिस्सा बन सकती हैं। आखिर प्रोफेसर किस वजह से साहिल के पास पहुंचे, उस समय क्या बातचीत या कार्रवाई हुई और इसके बाद क्या घटनाक्रम हुआ, इन सभी सवालों के जवाब आधिकारिक जांच से ही स्पष्ट होंगे।
साहिल की मौत के मामले में अब परीक्षा केंद्र का सीसीटीवी सामने आने के बाद घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है। यह फुटेज घटना से पहले की परिस्थितियों पर रोशनी डाल सकता है, लेकिन मामले की अंतिम तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।


