आजमगढ़ के शंभूपुर में हुए हत्याकांड के पीछे कई साल पुरानी रंजिश और पारिवारिक विवाद की कहानी सामने आ रही है। पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले की कड़ियां वर्ष 2015 से जुड़ती हैं, जब अरविंद सिंह की पत्नी बबीता की ओर से अपने पड़ोस के रिश्तेदारों के खिलाफ दुष्कर्म, छेड़खानी और चोरी समेत कई आरोपों में मुकदमे दर्ज कराए गए थे। इस मामले में आरोपियों को अदालत से 20-20 साल की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद मामला आगे बढ़ा और वर्ष 2018 में आरोपियों के जमानत पर बाहर आने के बाद अरविंद सिंह के बड़े भाई सुनील की हत्या कर दी गई।
भाई की हत्या के बाद परिवार पर पहले से चल रहा तनाव और गहरा गया। सुनील की हत्या का मुकदमा अब भी चल रहा है। इसी बीच अरविंद के व्यवहार में बदलाव आने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि वह मानसिक तनाव में रहने लगा था और उसका अपनी पत्नी बबीता से भी अक्सर विवाद होता था। परिवार और आसपास के लोगों के बीच उसके बदले हुए व्यवहार की चर्चा होने लगी थी।
मामले की सबसे गंभीर कड़ी उस दिन सामने आई, जब अरविंद ने कथित तौर पर अपने भाई की ट्रांसफर रिवॉल्वर का इस्तेमाल करते हुए पूजा के दौरान गोलीबारी कर दी। इस घटना में उसकी पत्नी बबीता और दो पुजारियों की गोली लगने से मौत हो गई। अचानक हुई इस वारदात से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस के सामने पुराने विवादों की पूरी कड़ी सामने आने लगी। वर्ष 2015 में दर्ज मुकदमे, उसके बाद आरोपियों को मिली सजा, वर्ष 2018 में अरविंद के भाई सुनील की हत्या और फिर लंबे समय तक चलती रही कानूनी प्रक्रिया—इन सभी घटनाओं को मौजूदा हत्याकांड की पृष्ठभूमि के तौर पर देखा जा रहा है।
बताया जा रहा है कि भाई की हत्या के बाद अरविंद लगातार तनाव में रहने लगा था। पत्नी के साथ उसके विवाद की बात भी सामने आई है। पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियों से भी उसके कथित तौर पर दूरी बनाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि किसी व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य या घटना के पीछे उसके मनोवैज्ञानिक कारणों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच और आधिकारिक रिपोर्ट के आधार पर ही निकाला जा सकता है।
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर वारदात के पीछे तत्काल वजह क्या थी और क्या पुरानी रंजिश ही इस पूरे घटनाक्रम की मुख्य वजह बनी। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, हथियार, प्रत्यक्षदर्शियों और परिवार से जुड़े पुराने विवादों की कड़ियों को जोड़कर जांच कर रही है।
आजमगढ़ की इस घटना ने एक बार फिर दिखाया है कि वर्षों पुराने विवाद और कानूनी संघर्ष किस तरह गंभीर तनाव का कारण बन सकते हैं। हालांकि इस मामले में वास्तविक कारण और घटनाओं की पूरी श्रृंखला जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच में इस हत्याकांड को लेकर कौन-कौन से नए तथ्य सामने आते हैं।


