ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की प्रस्तावित मुलाकात से पहले एक चीनी-कनाडाई प्रोफेसर की कथित भविष्यवाणियां चर्चा में आ गई हैं। प्रोफेसर जियांग शुकिंग को सोशल मीडिया पर चीन का ‘नास्त्रेदमस’ कहा जाता है। उन्होंने वर्ष 2027 को लेकर कई ऐसे दावे किए हैं, जिनमें अमेरिका, ईरान, चीन और वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़ी बड़ी घटनाओं का जिक्र किया गया है। हालांकि इन दावों को भविष्य की निश्चित घटनाएं नहीं, बल्कि उनके विश्लेषण और अनुमान के रूप में देखना जरूरी है।
प्रोफेसर जियांग शुकिंग एक शोधकर्ता हैं और उनके बारे में उपलब्ध जानकारी के अनुसार वे ऐतिहासिक घटनाओं तथा गेम थ्योरी के आधार पर भविष्य की संभावित परिस्थितियों का विश्लेषण करते हैं। गेम थ्योरी में अलग-अलग पक्षों के हित, रणनीति और संभावित अगले कदमों को समझकर संभावित परिणामों का आकलन किया जाता है। इसी आधार पर जियांग शुकिंग ने अमेरिका और मध्य पूर्व की स्थिति को लेकर कई संभावित घटनाक्रमों की चर्चा की है।
उनके दावों में सबसे ज्यादा चर्चा अमेरिका और ईरान के बीच संभावित जमीनी संघर्ष को लेकर है। दावा किया गया है कि अगर आने वाले समय में अमेरिका और ईरान के बीच बड़ा सैन्य संघर्ष होता है और उसमें अमेरिकी सैनिकों की जरूरत बढ़ती है, तो अमेरिका में अनिवार्य सैन्य भर्ती जैसे मुद्दे पर बहस तेज हो सकती है। लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह एक भविष्यवाणी या संभावित परिदृश्य है, अमेरिका की घोषित नीति या तय फैसला नहीं।
इसके साथ ही 2027 को लेकर अमेरिकी राजनीति और सामाजिक तनाव से जुड़े अन्य दावे भी सामने रखे गए हैं। इनमें अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर दबाव और वैश्विक स्तर पर आर्थिक मंदी की आशंका जैसी बातें शामिल हैं। सोशल मीडिया पर इन दावों को कई बार निश्चित भविष्यवाणी की तरह पेश किया जा रहा है, जबकि वास्तव में आर्थिक और भू-राजनीतिक घटनाओं का सटीक पूर्वानुमान बेहद कठिन होता है।
जियांग शुकिंग का नाम वर्ष 2024 की अमेरिकी राजनीति से जुड़े उनके पुराने पूर्वानुमानों के कारण भी चर्चा में आया। उनके समर्थकों का दावा है कि उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप की चुनावी वापसी और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को पहले ही प्रोजेक्ट किया था। हालांकि किसी भी पूर्वानुमान की विश्वसनीयता का आकलन करने के लिए यह देखना जरूरी होता है कि पहले किए गए सभी अनुमान कितने सटीक रहे, उनकी समय-सीमा क्या थी और भविष्यवाणी कितनी स्पष्ट थी।
अब नजर अमेरिका और चीन के संबंधों पर भी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच प्रस्तावित बातचीत में व्यापार और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े मुद्दे महत्वपूर्ण हो सकते हैं। दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच होने वाली बातचीत का असर वैश्विक व्यापार और आर्थिक माहौल पर भी पड़ सकता है।
यही वजह है कि ट्रंप-जिनपिंग मुलाकात से पहले जियांग शुकिंग के 2027 से जुड़े दावों ने लोगों का ध्यान खींचा है। एक तरफ अमेरिका और चीन के बीच व्यापार तथा रणनीतिक संबंधों पर बातचीत जारी है, वहीं दूसरी तरफ मध्य पूर्व में तनाव और वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर अनिश्चितताएं बनी हुई हैं। ऐसे माहौल में भविष्य को लेकर किए गए बड़े दावे तेजी से चर्चा में आ जाते हैं।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या 2027 वास्तव में वैसा ही साल होगा जैसा इन भविष्यवाणियों में बताया जा रहा है? इसका जवाब अभी किसी के पास नहीं है। जियांग शुकिंग के दावे उनके विश्लेषण और संभावित घटनाक्रम हैं, कोई प्रमाणित भविष्यवाणी नहीं। इसलिए इन्हें निश्चित भविष्य की घोषणा के बजाय एक भू-राजनीतिक परिदृश्य के रूप में देखना ज्यादा उचित होगा। अब असली नजर अमेरिका-चीन वार्ता, ईरान से जुड़े घटनाक्रम और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर रहेगी, क्योंकि आने वाले समय के वास्तविक फैसले ही बताएंगे कि इन दावों में कितनी बातें वास्तविक घटनाओं से मेल खाती हैं।


