दोपहर के समय झांसी के मऊरानीपुर के सर्राफा बाजार में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अघोरी के भेष में एक अज्ञात व्यक्ति एक ज्वैलरी की दुकान पर पहुंचा और कुछ देर दुकानदार से बातचीत करने के बाद वहां से चला गया। उसके जाने के बाद दुकानदार ने दुकान में करीब 10 ग्राम सोना और 17 हजार रुपये की नकदी गायब होने का दावा किया। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग के आधार पर संदिग्ध व्यक्ति की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
बताया जा रहा है कि दोपहर के वक्त बाजार में सामान्य रूप से कारोबार चल रहा था। इसी दौरान धार्मिक वेशभूषा में एक व्यक्ति सर्राफा दुकान पर पहुंचा। उसके शरीर पर धार्मिक पोशाक थी, गले में माला और माथे पर रंग-राख लगी हुई थी। उसके हुलिए को देखकर वह अघोरी या साधु जैसा दिखाई दे रहा था। दुकान पर पहुंचने के बाद उसने दुकानदार से पायल दिखाने के लिए कहा। दुकानदार ने उसकी मांग के अनुसार आभूषण दिखाने शुरू कर दिए।
दुकानदार के मुताबिक, वह व्यक्ति कुछ देर तक दुकान पर मौजूद रहा और उसके साथ बातचीत करता रहा। बातचीत के दौरान उसने अलग-अलग सामान देखने में रुचि दिखाई। इसके बाद वह व्यक्ति वहां से चला गया। शुरुआत में दुकानदार को किसी तरह के नुकसान का अंदाजा नहीं हुआ, लेकिन उसके जाने के बाद जब सामान और नकदी की जांच की गई तो करीब 10 ग्राम सोना और 17 हजार रुपये गायब मिले।
घटना के बाद दुकानदार ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। दुकान और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि संदिग्ध व्यक्ति दुकान में किस तरह आया, कितनी देर वहां रुका और उसके जाने के बाद वह किस दिशा में गया। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना में उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
इस घटना में सबसे ज्यादा चर्चा दुकानदार के उस दावे की हो रही है, जिसमें उसने कथित तौर पर सम्मोहन का इस्तेमाल किए जाने की बात कही है। दुकानदार का कहना है कि संदिग्ध व्यक्ति के व्यवहार और बातचीत के दौरान उसे ऐसा महसूस हुआ कि वह किसी तरह उसके ऊपर प्रभाव डाल रहा था। इसी वजह से घटना के बाद सम्मोहन की बात सामने आई। हालांकि, पुलिस की जांच में अभी तक यह साबित नहीं हुआ है कि वास्तव में किसी तरह के सम्मोहन का इस्तेमाल किया गया था।
पुलिस के लिए फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि दुकान से सोना और नकदी आखिर किस तरह गायब हुई। क्या संदिग्ध व्यक्ति ने दुकानदार का ध्यान भटकाकर सामान उठाया, क्या किसी दूसरे व्यक्ति ने मौका देखकर चोरी की या फिर घटना के पीछे कोई और तरीका इस्तेमाल किया गया? इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
सीसीटीवी फुटेज इस मामले की जांच में अहम साबित हो सकती है। फुटेज के जरिए संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधियों को करीब से देखा जा रहा है। पुलिस उसके हुलिए, कपड़ों और दुकान में मौजूद रहने के दौरान की गतिविधियों के आधार पर उसकी पहचान करने की कोशिश कर रही है। आसपास के दुकानदारों और संभावित प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी जुटाई जा सकती है।
फिलहाल यह साफ नहीं है कि अघोरी के भेष में दुकान पर पहुंचा व्यक्ति वास्तव में कौन था और उसका मकसद क्या था। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि सोना और नकदी किस तरह गायब हुई। वहीं, सम्मोहन वाला दावा भी जांच का हिस्सा बना हुआ है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अब पुलिस इस रहस्यमयी घटना की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।


