गर्मी से राहत पाने के लिए आज एसी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ एक समस्या भी जुड़ी है। सामान्य एसी कमरे की गर्म हवा को बाहर निकालता है और इस प्रक्रिया में गर्मी बाहर के वातावरण में छोड़ता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए एक यूट्यूबर ने पुराने कबाड़ एसी से ऐसा प्रयोग किया, जिसे देखकर लोग हैरान रह गए। इस प्रयोग में पुराने विंडो एसी को करीब 2,000 फीट लंबे पाइप से जोड़ा गया और पाइप को जमीन के अंदर दबा दिया गया।
इस प्रयोग का मकसद एसी से निकलने वाली गर्मी को सीधे बाहर की गर्म हवा में छोड़ने के बजाय जमीन के अंदर पहुंचाना था। इसके लिए पुराने एसी के सिस्टम में बदलाव किया गया और उससे जुड़े पाइप को जमीन के अंदर काफी दूरी तक फैलाया गया। प्रयोग करने वाले यूट्यूबर ने दावा किया कि जमीन के अंदर पाइप की लंबी दूरी तय करने के बाद हवा का तापमान कम होने लगा और ठंडी हवा बाहर आने लगी।
दरअसल, जमीन के अंदर का तापमान आमतौर पर सतह के तापमान की तुलना में अधिक स्थिर रहता है। इसी सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए इस प्रयोग में लंबे पाइप का इस्तेमाल किया गया। जब हवा जमीन के अंदर मौजूद लंबे पाइप से होकर गुजरती है तो आसपास की मिट्टी के साथ तापमान का आदान-प्रदान होता है। इसके बाद अपेक्षाकृत ठंडी हवा बाहर आने लगती है। हालांकि इस तरह के प्रयोग का वास्तविक प्रदर्शन पाइप की सामग्री, उसकी गहराई, जमीन के तापमान, हवा की गति और सिस्टम की डिजाइन जैसी कई चीजों पर निर्भर करता है।
यूट्यूबर ने पुराने विंडो एसी को इस प्रयोग का आधार बनाया। आम तौर पर विंडो एसी में कमरे से गर्मी निकालकर उसे बाहर की तरफ छोड़ा जाता है। लेकिन इस प्रयोग में एसी के गर्म हिस्से को जमीन के अंदर डाले गए पाइप से जोड़ने की कोशिश की गई। इसके बाद पाइप को जमीन के अंदर करीब 2,000 फीट तक फैलाया गया, ताकि गर्मी जमीन के संपर्क में अधिक क्षेत्र और समय तक रहे।
वीडियो सामने आने के बाद इस प्रयोग को लेकर लोगों के बीच काफी चर्चा होने लगी। कुछ लोगों ने इसे गर्मी से निपटने का अनोखा तरीका बताया, जबकि कुछ लोगों ने इसकी वास्तविक दक्षता और लंबे समय तक इस्तेमाल को लेकर सवाल भी उठाए। किसी भी घरेलू व्यवस्था में इस तरह का बदलाव करने से पहले बिजली और तकनीकी सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है।
इस तरह की व्यवस्था को पारंपरिक एसी का सीधा विकल्प मानना भी सही नहीं होगा। जमीन के अंदर पाइप बिछाने के लिए पर्याप्त जगह, खुदाई और सही डिजाइन की जरूरत होती है। इसके अलावा एसी के रेफ्रिजरेशन सिस्टम में बदलाव करना तकनीकी काम है। गलत तरीके से किए गए बदलाव से बिजली का खतरा, उपकरण खराब होने या आग जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
फिर भी इस प्रयोग ने एक दिलचस्प सवाल जरूर खड़ा किया है कि क्या जमीन के स्थिर तापमान का इस्तेमाल करके एयर कूलिंग की ऊर्जा जरूरत और बाहरी गर्मी को कम किया जा सकता है। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में भू-तापीय और अर्थ-एयर हीट एक्सचेंजर जैसी तकनीकों में जमीन के तापमान का इस्तेमाल गर्मी या ठंडक के प्रबंधन के लिए किया जाता है।
कबाड़ में पड़े पुराने एसी को एक नए प्रयोग में बदलने का यह तरीका इसलिए चर्चा में है क्योंकि इसमें सामान्य एसी सिस्टम के साथ जमीन के अंदर मौजूद तापमान का इस्तेमाल करने की कोशिश की गई। हालांकि वायरल वीडियो में दिखने वाला परिणाम हर जगह समान मिले, यह जरूरी नहीं है। वास्तविक क्षमता जानने के लिए तापमान, बिजली की खपत और सिस्टम की कार्यक्षमता का वैज्ञानिक परीक्षण करना जरूरी होगा।


